फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अमेरिका से युद्धविराम की कोशिशों में जुटा तालिबान

Fri, 03 Jan 2020 01:45 AM IST
संजीव कुमार झा वर्ल्ड, अमर उजाला
विज्ञापन
तालिबोन - फोटो : social media
विज्ञापन

अमेरिका और तालिबान के बीच युद्धविराम (सीजफायर) की कोशिशें तेज हो रही हैं और इस दिशा में कुछ बड़े तालिबानी नेता पहल कर रहे हैं। तालिबान के कुछ कमांडर और एक बड़ा गुट इस बात के लिए तैयार है कि अब अमेरिका के साथ सीजफायर हो जाना चाहिए।

विज्ञापन


विश्वसनीय सूत्रों के हवाले से खबर है कि हाल ही में पाकिस्तानी शहर क्वेटा में तालिबान के बड़े नेता मुल्ला हिबातुल्लाह अखुंदज़ादा के साथ कुछ और तालिबानी नेताओं ने बैठक की और अमेरिका के साथ सीजफायर समझौता करने की पेशकश की। इसके लिए तालिबानी नेता पाकिस्तान के हुक्मरानों पर ये दबाव बना रहे हैं कि वह इस पहल में उनकी मदद करे।

क्वेटा में हुई बैठक से करीब एक हफ्ते पहले कतर के दोहा में भी तालिबानी नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल मौलवी शहाबुद्दीन दिलावर के नेतृत्व में मिला था और पाकिस्तान में मौजूद तालिबानी नेताओं से अमेरिका के साथ सीजफायर के प्रस्ताव पर चर्चा की थी।
विज्ञापन


क्वेटा में हुई बैठक उसी दिशा में अगला कदम है जिसमें दोहा से आए तालिबानी नेताओं ने भी हिस्सा लिया। तालिबानी नेताओं का यह गुट अमेरिका के साथ बातचीत करने से पहले अपने भीतरी अंतरविरोधों को खत्म करना चाहता है और यह तय नहीं कर पाया है कि अमेरिका के साथ स्थाई युद्धविराम का प्रस्ताव रखा जाए या तात्कालिक।

तालिबान के पूर्व कमांडर सैयद अकबर आगा ने इस बात का खुलासा किया है कि अमेरिका के सख्त रवैये को लेकर तालिबानी नेताओं का एक गुट युद्धविराम की कोशिशों में लगा है।

उधर दोहा के पत्रकार सामी युसूफ ज़ई के मुताबिक अमेरिका ने भी साफ संकेत दे दिया है कि तालिबानियों के साथ तबतक किसी शांति समझौते पर हस्ताक्षर नहीं किया जाएगा जबतक तालिबान हिंसा का रास्ता नहीं छोड़ता और सीज़फायर नहीं करता।

दूसरी तरफ काबुल में अफगान सरकार भी इस बात की कोशिश में है कि किसी तरह तालिबान और अमेरिका में सीज़फायर समझौता हो जाए। अफगानिस्तान सरकार की मंत्री नाज़ी अनवारी ने कहा है कि उनकी सरकार शांति समझौते के मूल बिंदुओं को लेकर अपने देश के पक्ष में सोच रही है।
विज्ञापन


उनके मुताबिक अफगानिस्तान इस बात की कोशिश में है कि शांति समझौते के लिए बन रहे प्रतिनिधिमंडल में अमेरिका और तालिबान के साथ अफगानिस्तान भी शामिल रहे।

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें