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ताइवान ने डब्ल्यूएचए बैठक में भाग लेने के लिए भारत से मांगी मदद, भड़का चीन

Wed, 13 May 2020 09:56 AM IST
अनवर अंसारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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सांकेतिक तस्वीर
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चीन लगातार ताइवान को अपने देश का अभिन्न अंग बताता रहा है। हाल ही में, जब ताइवान ने 'विश्व स्वास्थ्य सभा' (डब्ल्यूएचए) में शामिल होने के लिए भारत से मदद मांगी तो नई दिल्ली स्थित चीनी दूतावास की तुरंत प्रतिक्रिया आई। दूतावास ने कहा कि इस मामले का प्रबंध 'वन-चाइना प्रिंसिपल' (वन-चाइना सिद्धांत) को ध्यान में रखते हुए करना चाहिए। 

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चीनी दूतावास के प्रवक्ता ने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लूएचओ) सहित उसकी सभी गतिविधियों में ताइवान क्षेत्र की भागीदारी पर चीन की स्थिति स्पष्ट और सुसंगत है। इसे वन-चाइना सिद्धांत के अनुसार संभाला जाना चाहिए। ताइवान चीन का अभिन्न अंग है।




प्रवक्ता ने कहा कि वन-चाइना सिद्धांत के तहत, चीन की केंद्र सरकार ने वैश्विक स्वास्थ्य मामलों में ताइवान क्षेत्र की भागीदारी के लिए उचित व्यवस्था की है, जो सुनिश्चित करता है कि क्षेत्र स्थानीय या वैश्विक सार्वजनिक स्वास्थ्य आपात स्थिति से समय पर और प्रभावी तरीके से निपट सकता है।
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कोरोना वायरस से लड़ने में ताइवान ने अभूतपूर्व सफलता हासिल की। उसने भारत के साथ कोई औपचारिक संबंध नहीं होने के बाद भी, पिछले सप्ताह 10 लाख सर्जिकल मास्क भारत को दान दिए। राजनयिक सूत्रों ने कहा कि इस दान को डब्ल्यूएचओ की बैठक में भाग लेने के अपने प्रयासों के लिए भारत से समर्थन के आह्वान के संदर्भ में देखा जाना चाहिए।

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