भारत और अन्य देशों के साथ कर सूचना स्वत: साझा करने का रास्ता साफ करते हुए स्विट्जरलैंड ने बहुपक्षीय समझौते को मंजूरी दे दी है। इससे कर मामलों में प्रशासनिक सहयोग को बढ़ावा मिलेगा। इस कदम से काले धन के अर्थव्यवस्था में चलन और गुप्त लेनदेन को रोकने के वैश्विक प्रयास को बल मिलेगा।
काले धन के खतरे पर कठोर नीति बनाने के प्रयास के तहत भारत ने स्विट्जरलैंड सहित कई देशों से कर की जानकारी मांगी है। स्विस सरकार ने सोमवार को कहा कि कर मामलों में अंतरराष्ट्रीय सहयोग के लिए उसने कदम उठाए हैं।
सरकार ने कहा कि उसने बहुपक्षीय समझौते को अपनी मंजूरी दे दी है। स्विट्जरलैंड इस समझौते को 1 जनवरी, 2017 को लागू कर देगा। उसने अक्टूबर 2013 में समझौते पर हस्ताक्षर किए थे और 2015 में उसे वहां की संसद से अनुमोदित करवाया था।