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Swati Maliwal Assault: '21 अगस्त तक जवाब दें', बिभव कुमार की जमानत याचिका पर अदालत का दिल्ली पुलिस को निर्देश

Wed, 07 Aug 2024 06:28 PM IST
मिथिलेश नौटियाल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

शीर्ष अदालत ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के सहयोगी बिभव कुमार की जमानत के लिए दिल्ली पुलिस से जवाब मांगा है। अदालत ने दिल्ली पुलिस को 21 अगस्त तक अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। 

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सुप्रीम कोर्ट - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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देश की सर्वोच्च अदालत में आम आदमी पार्टी की राज्य सभा सांसद स्वाति मालीवाल से मारपीट के मामले में सुनवाई हुई। शीर्ष अदालत ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के सहयोगी बिभव कुमार की जमानत के लिए दिल्ली पुलिस से जवाब मांगा है। अदालत ने दिल्ली पुलिस को 21 अगस्त तक अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। 

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‘दिल्ली पुलिस को 21 अगस्त तक जवाब दाखिल करना होगा’
दिल्ली पुलिस की तरफ से अदालत के समक्ष वरिष्ठ वकील एस वी राजू पेश हुए। उन्होंने न्यायमूर्ति सूर्यकांत, दीपांकर दत्ता और उज्जवल भुइयां की पीठ को बताया कि दिल्ली पुलिस को जवाब दाखिल करने के लिए तीन सप्ताह का समय चाहिए। उधर, बिभव कुमार की ओर से अदालत में पेश हुए वरिष्ठ वकील अभिषेक सिंघवी ने अदालत में एस वी राजू की मांग का विरोध किया। उन्होंने कहा कि इस मामले में आरोपपत्र पहले ही दाखिल कर दिया गया है। इसके बाद शीर्ष अदालत ने एस वी राजू से कहा कि दिल्ली पुलिस को 21 अगस्त तक जवाब दाखिल करना होगा। अदालत में इस मामले की अगली सुनवाई अब 27 अगस्त को होगी। 

अदालत ने विभव कुमार को लगाई थी फटकार
आपको बता दें कि बिभव कुमार पर स्वाति मालीवाल पर हमला करने का आरोप है। इससे पहले हुई सुनवाई में शीर्ष अदालत ने बिभव को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा था कि क्या दिल्ली के मुख्यमंत्री के आवास में गुंडे काम कर रहे हैं? पीठ ने बिभव कुमार की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक सिंघवी से कहा था कि अदालत दिल्ली हाईकोर्ट की ओर से दर्ज की गई घटना के विवरण से हैरान है।
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स्वाति मालीवाल से मारपीट का है आरोप
आम आदमी पार्टी की राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल की शिकायत पर दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल के पीए बिभव कुमार के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। मालीवाल ने शिकायत में कहा था कि जब वह 13 मई को सीएम आवास मुख्यमंत्री केजरीवाल से मिलने पहुंचीं थी तो बिभव ने उनके साथ मारपीट की। मालीवाल की शिकायत पर पुलिस ने बिभव कुमार को 18 मई को गिरफ्तार किया था। पुलिस का कहना है कि बिभव कुमार जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं। बिभव ने जमानत के लिए 27 मई को ट्रायल कोर्ट का रुख किया था, लेकिन वहां से जमानत खारिज होने के बाद सत्र न्यायालय में अपील की। वहां से भी निराशा के बाद बिभव ने हाईकोर्ट का रुख किया, लेकिन हाईकोर्ट ने भी बिभव को राहत देने से इनकार कर दिया। अब हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ बिभव ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है।

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