पश्चिम बंगाल में नई भाजपा सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने अपनी प्रशासनिक टीम तैयार कर ली है। चुनाव आयोग के विशेष रोल ऑब्जर्वर रहे 1990 बैच के रिटायर्ड आईएएस सुब्रत गुप्ता को मुख्यमंत्री का सलाहकार नियुक्त किया गया है। इसके अलावा, 2017 बैच के आईएएस और दक्षिण 24 परगना के एडीएम रहे शांतनु बाला को मुख्यमंत्री का निजी सचिव बनाया गया है।
पश्चिम बंगाल में नई सरकार के गठन के बाद प्रशासनिक स्तर पर बड़े बदलाव देखने को मिल रहे हैं। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने अपने कामकाज को और ज्यादा बेहतर और तेज बनाने के लिए अपनी नई टीम तैयार करनी शुरू कर दी है। इसी कड़ी में चुनाव आयोग के अहम अधिकारी रहे एक रिटायर्ड आईएएस अधिकारी को एक बहुत बड़ी और महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह नियुक्ति इस बात का साफ संकेत है कि नई भाजपा सरकार प्रशासन को पूरी तरह से चुस्त-दुरुस्त रखना चाहती है।
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कोलकाता से मिली जानकारी के अनुसार, रिटायर्ड आईएएस अधिकारी सुब्रत गुप्ता को पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी का सलाहकार नियुक्त किया गया है। शनिवार को जारी की गई एक आधिकारिक अधिसूचना में यह साफ कर दिया गया है। सुब्रत गुप्ता साल 1990 बैच के बहुत ही अनुभवी अधिकारी हैं। उन्हें हाल ही में खत्म हुए विधानसभा चुनावों से पहले चुनाव आयोग द्वारा एसआईआर अभ्यास के लिए विशेष रोल ऑब्जर्वर बनाया गया था। अब वे मुख्यमंत्री के साथ मिलकर राज्य के विकास और नीतियों को सही दिशा देने का काम करेंगे।
सुब्रत गुप्ता की नियुक्ति से नई सरकार को क्या फायदा होगा?
सुब्रत गुप्ता के पास प्रशासनिक कार्यों का एक बहुत लंबा और गहरा अनुभव है। प्रशासन में यह माना जा रहा है कि उनके इस विशाल अनुभव का सीधा फायदा राज्य की नई भाजपा सरकार को मिलेगा। एक अधिकारी ने बताया कि सुब्रत गुप्ता की मदद से नई सरकार को अलग-अलग विभागों के बीच सही तालमेल बिठाने और नीतियों को अच्छी तरह से लागू करने में बहुत आसानी होगी। प्रशासन से जुड़े अहम मुद्दों को सुलझाने में भी उनका तजुर्बा मुख्यमंत्री के लिए बहुत काम आएगा।
शांतनु बाला को मुख्यमंत्री कार्यालय में कौन सी बड़ी जिम्मेदारी मिली है?
सुब्रत गुप्ता के अलावा, मुख्यमंत्री कार्यालय में एक और अहम नियुक्ति की गई है। साल 2017 बैच के आईएएस अधिकारी शांतनु बाला को मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी का निजी सचिव बनाया गया है। इस बारे में भी एक अलग अधिसूचना जारी की गई है। शांतनु बाला इससे पहले दक्षिण 24 परगना जिले में अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (एडीएम) के पद पर अपनी सेवाएं दे रहे थे। अब वे सीधे मुख्यमंत्री के साथ जुड़कर उनके रोजमर्रा के प्रशासनिक कामों को संभालेंगे।
इन दोनों अधिकारियों को कब से अपना काम शुरू करना है?
राज्य में सरकार बदलने के बाद मुख्यमंत्री कार्यालय के पूरे ढांचे को फिर से तैयार किया जा रहा है। एक अन्य अधिकारी ने बताया कि शांतनु बाला की नियुक्ति इसी बदलाव का एक अहम हिस्सा है, ताकि मुख्यमंत्री कार्यालय का काम बिना किसी रुकावट के तेजी से चल सके। जारी की गई अधिसूचनाओं में सुब्रत गुप्ता और शांतनु बाला, दोनों ही अधिकारियों को सख्त निर्देश दिया गया है कि वे बिना किसी देरी के तुरंत प्रभाव से अपनी-अपनी नई जिम्मेदारियां संभाल लें और अपना काम शुरू कर दें।