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Kolkata: सुवेंदु ने पुलिस में दर्ज कराई शिकायत, RSF कार्यकर्ताओं पर जादवपुर विश्वविद्यालय के पास हमले का आरोप

Fri, 18 Aug 2023 04:11 PM IST
देव कश्यप पीटीआई, कोलकाता।

सार

सुवेंदु अधिकारी ने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर एक ट्वीट में कहा, जब वह जादवपुर विश्वविद्यालय (जेयू) के गेट के पास भाजयुमो के प्रदर्शन में भाषण देने के बाद वहां से निकल रहे थे, तो उन पर अज्ञात हमलावरों... के एक समूह ने हमला कर दिया, जो प्रतिबंधित माओवादी संगठन के कट्टरपंथी-वामपंथी संगठन आरएसएफ से जुड़े थे। 
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सुवेंदु अधिकारी। - फोटो : ANI (फाइल फोटो)
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विस्तार
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जादवपुर विश्वविद्यालय के पास कट्टरपंथी-वामपंथी रिवोल्यूशनरी स्टूडेंट्स फेडरेशन (आरएसएफ) और भाजपा के युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं के बीच झड़प के एक दिन बाद पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने शुक्रवार को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में कहा गया है कि नक्सली संगठन द्वारा उन पर पूर्व नियोजित हमला किया गया।

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अधिकारी ने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर एक ट्वीट में कहा, जब वह जादवपुर विश्वविद्यालय (जेयू) के गेट के पास भाजयुमो के प्रदर्शन में भाषण देने के बाद वहां से निकल रहे थे, तो उन पर अज्ञात हमलावरों... के एक समूह ने हमला कर दिया, जो प्रतिबंधित माओवादी संगठन के कट्टरपंथी-वामपंथी संगठन आरएसएफ से जुड़े थे। वरिष्ठ भाजपा नेता ने जादवपुर पुलिस स्टेशन से प्राप्त शिकायत की एक तस्वीर संलग्न करते हुए पोस्ट में कहा, मैंने इस घटना के संबंध में एफआईआर दर्ज कराई है।

नंदीग्राम विधायक अधिकारी ने कहा, हमला उक्त संगठन के सदस्यों की प्रतिक्रिया प्रतीत होता है, जिन्हें यह तथ्य पसंद नहीं आया कि मैंने अपने भाषण में कोई मिलावटी शब्द नहीं बोले और उनके पाखंड को उजागर किया। ये लोग उस समूह का हिस्सा हैं जिन्होंने जादवपुर विश्वविद्यालय को राष्ट्र विरोधी और असामाजिक गतिविधियों का अड्डा बना दिया है। वे सत्ता-विरोधी और अलगाववादी विचारधाराओं को आश्रय देते हैं, वे हमेशा सरकार की आलोचना करते हैं, लेकिन साथ ही छात्रों के रूप में सब्सिडी लाभों का आनंद लेते रहने के लिए औपचारिक जुड़ाव खत्म होने के बाद भी संस्थान से जुड़े रहते हैं।
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अधिकारी ने शिकायत में कहा कि गृह मंत्रालय के आकलन के अनुसार खतरे की आशंका को देखते हुए वह जेड श्रेणी की सुरक्षा के हकदार हैं। उन्होंने दावा किया कि जब वह शांतिपूर्वक नारे लगाते हुए कार्यक्रम स्थल से बाहर निकल रहे थे तभी अचानक सात-आठ लोगों ने उन पर हमला कर दिया। उन्हें काले झंडे दिखाए गए और हमलावरों ने पथराव भी किया और गलत तरीके से उन्हें अपने वाहन की ओर जाने से रोका, लेकिन उनके सुरक्षा गार्डों के समय पर हस्तक्षेप से स्थिति संभल गई।

उन्होंने कहा, मुझे पता चला है कि उक्त हमलावर भारत सरकार द्वारा प्रतिबंधित नक्सली संगठन आरएसएफ के समर्थक थे। उन्होंने एक वीडियो क्लिप संलग्न करते हुए कहा, हालांकि मैं उनके नाम नहीं जानता, लेकिन अगर उन्हें मेरे सामने लाया जाएगा तो मैं उन्हें पहचान सकूंगा। वीडियो में घटना के बाद प्रदर्शनकारी मीडिया से बात करते दिख रहे हैं। अधिकारी को काला झंडा दिखाने में अपनी भूमिका निभाते हुए प्रदर्शनकारियों में से एक ने संवाददाताओं से कहा, हम क्रांतिकारी छात्र मोर्चा हैं, हम एक नक्सली छात्र संगठन हैं, हम एक स्वयंभू माओवादी छात्र संगठन हैं।

आरएसएफ और भाजयुमो के कार्यकर्ताओं के बीच हेलमेट और झंडों के साथ जादवपुर विश्वविद्यालय के गेट नंबर चार के सामने तीखी झड़प हुआ। दरअसल, 10 अगस्त को वरिष्ठ छात्रों द्वारा कथित रैगिंग और यौन शोषण के कारण स्नातक प्रथम वर्ष के एक छात्र की छात्रावास के दूसरी मंजिल से गिरने से हुई मौत हो गई थी। जिसके बाद से यहां कई विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं। 17 वर्षीय मृतक नादिया जिले के बगुला का रहने वाला था और बंगाली ऑनर्स में स्नातक प्रथम वर्ष का छात्र था।

अधिकारी ने गुरुवार को युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं से कहा था, हम जेएनयू में टुकड़े टुकड़े गैंग को सबक सिखा चुके हैं... हम यादवपुर से भी उनका सफाया कर देंगे। ‘टुकड़े टुकड़े गैंग’ का उपयोग भाजपा राजद्रोह का समर्थन करने वाले विरोधियों के लिए करती है।

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