केरल के मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) के मुख्य सचिव रहे निलंबित आईएएस अधिकारी एम शिवशंकर शुक्रवार को कस्टम अधिकारियों के सामने पेश हुए। केरल के हाईप्रोफाइल सोना तस्करी मामले में कस्टम विभाग उनसे दो बार पूछताछ कर चुका है।
सोना तस्करी की मुख्य आरोपी स्वप्ना सुरेश से तार जुड़ने के बाद शिवशंकर को निलंबित किया गया था। कस्टम विभाग ने पूछताछ के लिए उन्हें समन जारी किया था।
सोना तस्करी मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने हाल ही में कोच्चि की विशेष अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया है। ईडी ने चार्जशीट में कहा है कि शिवशंकर मौजूदा एलडीएफ सरकार में महत्वपूर्ण व्यक्ति हैं और इस हाईप्रोफाइल मामले में इनकी भूमिका की गहराई से जांच होनी चाहिए।
ईडी और कस्टम विभाग के अलावा राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) भी इसकी जांच कर रही है। कस्टम विभाग ने 5 जुलाई को तिरुअनंतपुरम एयरपोर्ट पर 30 किलो सोना पकड़ा था, जो राजनयिक चैनल के जरिये संयुक्त अरब अमीरात से लाया गया था। इसकी कीमत करीब 14.82 करोड़ रुपये आंकी गई थी।
तस्करी की मुख्य आरोपी स्वप्ना केरल में यूएई के वाणिज्य दूतावास में काम कर चुकी हैं। आरोप है कि उसने वाणिज्य दूतावास से अपने पुराने संबंधों का फायदा उठाते हुए राजनयिक चैनल के जरिये दुबई से तस्करी कर सोना मंगवाया था। इस मामले में स्वपना समेत कई लोग गिरफ्तार हैं।
स्वप्ना की जमानत याचिका पर फैसला सुरक्षित
इस बीच, केरल की स्थानीय अदालत ने स्वप्ना की जमानत याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया। प्रधान सत्र न्यायालय 13 अक्तूबर को फैसला सुना सकता है। ईडी ने स्वप्ना के खिलाफ केस दर्ज किया है।
इससे पहले अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (आर्थिक अपराध) कोर्ट ने कस्टम विभाग की ओर से दर्ज केस में स्वप्ना को जमानत दे दी थी। एनआईए भी इसकी जांच कर रही है और उसने स्वप्ना के खिलाफ यूएपीए के तहत केस दर्ज किया है।