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सीएम हिमंत के पास पहुंचीं सुष्मिता देव: पूर्व TMC सांसद बोलीं- त्यागपत्र का कारण निजी, बंगाल से लेना-देना नहीं

Wed, 10 Jun 2026 01:56 PM IST
अमन तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुवाहाटी

सार

सुष्मिता देव ने तृणमूल कांग्रेस और राज्यसभा से इस्तीफा दे दिया है। इसके बाद, उन्होंने दिल्ली में असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा से मुलाकात की। सुष्मिता ने कहा कि वह दो नावों पर सवार नहीं होना चाहती थीं। वह जल्द ही अपने भविष्य के राजनीतिक कदम का खुलासा करेंगी।
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सुष्मिता देव - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सुष्मिता देव ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) और राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। इस बड़े फैसले के बाद उन्होंने बुधवार को दिल्ली में असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा से मुलाकात की। इस मुलाकात ने राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज कर दी है। मुख्यमंत्री से मिलने के बाद सुष्मिता देव ने पत्रकारों से बात की। उन्होंने इस मुलाकात को सिर्फ एक शिष्टाचार भेंट बताया। उन्होंने कहा कि वह फिलहाल राजनीति से छोटा सा ब्रेक ले रही हैं। इसके बाद ही वह अपने भविष्य के बारे में कोई फैसला लेंगी। उन्होंने त्यागपत्र का कारण निजी बताया है।
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सीएम से मुलाकात पर क्या बोलीं सुष्मिता देव
सुष्मिता ने स्पष्ट किया कि वह सीधे तौर पर बंगाल की राजनीति से नहीं जुड़ी हैं। वह असम की रहने वाली हैं और अब पूरी तरह स्वतंत्र हैं। उन्होंने बताया कि वह लंबे समय तक कांग्रेस में रही हैं, इसलिए उन्होंने मुख्यमंत्री से शिष्टाचार के नाते मुलाकात की। अगले दो-तीन दिनों तक उनका कोई राजनीतिक कार्यक्रम नहीं है। जब उनसे अगले कदम के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि वह राजनीति के माध्यम से लोगों की सेवा करना जारी रखेंगी। उन्होंने कहा,  मुझे उम्मीद है कि भविष्य में मुझे राजनीति में आने और जनता की प्रतिनिधि बनने का मौका मिलेगा। उन्होंने वादा किया कि वह सही समय आने पर अपने अगले कदम की जानकारी जरूर देंगी।
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ममता बनर्जी पर टिप्पणी से किया इनकार 
सुष्मिता ने ममता बनर्जी पर कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। उन्होंने बस इतना कहा कि यह तय है कि उन्होंने तृणमूल कांग्रेस छोड़ दी है। पार्टी छोड़ने के पीछे के कारणों पर उन्होंने कहा कि यह एक लंबी कहानी है। उनके अनुसार, राजनीति में हर बात का खुलासा करना जरूरी नहीं होता। उन्होंने एक महत्वपूर्ण बात कही कि वह ऐसी स्थिति में नहीं रहना चाहती थीं जहां वह दो नावों पर सवार हों। उनके हिसाब से राजनीति करने का यह सही तरीका नहीं है।

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सुष्मिता ने अपने राजनीतिक मूल्यों और परवरिश का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वह सार्वजनिक जीवन में स्पष्टता और वफादारी में विश्वास रखती हैं। उन्होंने कभी ऐसा नहीं किया कि वह एक पार्टी में रहकर दूसरी पार्टी की सेवा करें। उनकी परवरिश ऐसी नहीं हुई है। राज्यसभा से इस्तीफे पर उन्होंने कहा कि यह उनका सैद्धांतिक फैसला था। चूंकि राज्यसभा की सीट उन्हें तृणमूल कांग्रेस ने दी थी, इसलिए पार्टी छोड़ने पर सीट छोड़ना भी जरूरी था। यह उनके व्यक्तित्व और राजनीति के सिद्धांतों के अनुरूप है। पूर्व सांसद ने कहा कि वह उचित समय पर विस्तार से बात करेंगी। फिलहाल वह अपने परिवार से मिलने असम जा रही हैं। वहां वह अपनी मां और बहनों से मुलाकात करेंगी।
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