विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने पाकिस्तान से होकर चीन जाने वाले आर्थिक गलियारा(सीपीईसी) मामले में उसे आईना दिखाया है। विदेश मंत्री ने साफ कहा कि सीपीईसी मामले में चीन को दोबारा सोचना पड़ेगा। विदेश मंत्री ने यहां चीन के प्रयास पर सीधे सवालिया निशान लगाया। उन्होंने कहा कि भारत कनेक्टिविटी के खिलाफ नहीं है। कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट को तो हम मानते हैं, लेकिन सवाल यह है कि इसका स्वरुप क्या है।
यह कनेक्टिविटी क्या आपस में सलाह मशविरे की बिनाग पर हो रही है, क्या यह किसी देश की संप्रभुता पर सवाल तो खड़े नहीं कर रही है....आदि..आदि। विदेश मंत्री ने कहा कि जिस तरह से चीन ने सीपीईसी की रुपरेखा तैयार की है और यह भारत के जम्मू-कश्मीर वाले हिस्से से होकर गुजरेगा, वह भारत की संप्रभुता पर असर डालेगा। विदेश मंत्री ने अपने अंदाज को सख्त करते हुए कहा कि इस परियोजना को लेकर चीन को दोबारा सोचना पड़ेगा।