विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा कि यमन में चरमपंथियों द्वारा अगवा किए गए भारतीय पादरी टॉम उझुननालिल की रिहाई के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।
चरमपंथी संगठन इस्लामिक स्टेट ने इस महीने की शुरुआत में मदर टेरेसा की संस्था चेरिटी ऑफ मिशनरीज द्वारा संचालित एक वृद्धाश्रम पर हमला किया था।
इस हमले में एक भारतीय सहित चार नन मारी गई थीं। इस दौरान चरमपंथियों ने केरल के पादरी टॉम उझुननालिल को अगवा कर लिया था।
सुषमा स्वराज ने ट्वीट किया, "केरल के एक भारतीय नागरिक को यमन में एक चरमपंथी संगठन ने बंदी बना लिया था। हम उनकी रिहाई के सारे प्रयास कर रहे हैं।"
यमन में भारतीय दूतावास नहीं है लेकिन जिबूती में भारत का एक कैंप ऑफिस है।