भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी के साथ मुलाकात के दौरान पहनी गई पोशाक पर सोशल मीडिया पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने मुलाकात की जो तस्वीर ट्वीट की है, उसमें सुषमा स्वराज गुलाबी रंग की शॉल से पूरी तरह ढकी हुई दिख रही हैं। हालांकि अन्य तस्वीरों में वह साड़ी के ऊपर शॉल ओढ़े हुए दिख रही हैं।
पाकिस्तानी मूल के स्तंभकार तारेक फतह ने सवाल उठाते हुए ट्वीट किया, "सुषमा जी यह शर्मनाक है। आप साड़ी पहनकर भी अपने सिर पर पल्लू रख सकती थीं।"
पत्रकार शिव अरूर ने लिखा, "देखकर अच्छा लगा कि सुषमा स्वराज को ईरान में अपने आपमें कोई बदलाव नहीं लाना पड़ा।" एकता राजोरिया ने ट्वीट किया, "स्थानीय परंपराओं का सम्मान करना सही है।"
लेकिन 'एक हिंदू' के नाम से संचालित एक अकाउंट से भड़काऊ भाषा में लिखा गया, "सुषमा स्वराज जैसे हमारे नेता जबर्दस्ती इस्लामी पोशाक पहनाए जाने के खिलाफ बोलने से डरते हैं।"
विनय दोकानिया ने सवाल किया, "मैडम विदेश मंत्री क्या यह पोशाक पहनना जरूरी था।" यूसुफ जमील का ट्वीट है, "प्रोटोकॉल का सम्मान करना कूटनीतिक प्रथा का अहम हिस्सा है और इतिहास से जुड़ा है।"
सरचक नाम से संचालित एक ट्विटर अकाउंट पर सुषमा स्वराज से पूछा गया है, "लेकिन आपने ये पोशाक क्यों पहनी है।'' सुषमा स्वराज ईरान के बाद रूस के लिए रवाना हो गई हैं।
इस्लामी देश ईरान में महिलाओं का पर्दे में रहना आम परंपरा है। हाल ही में राष्ट्रपति रूहानी जब इटली यात्रा पर गए थे तो उनके सामने आने वाली नग्न मूर्तियों को उनके सम्मान में ढक दिया गया था। इस पर तब भी सोशल मीडिया में खूब विवाद हुआ था।