राम नाम के सहारे देश के राजनीतिक पटल पर छाने वाली भाजपा को यूपी में दोबारा से सत्ता पाने के लिए भी एक राम की तलाश है। जोकि 2017 के विधानसभा चुनाव में उसकी नैया पार लगा सके। लेकिन राम का रोल निभाने वाले चेहरे की तलाश भाजपा आलाकमान की मुश्किलें बढ़ा रही हैं।
चेहरा चयन के लिए कराए गए पार्टी के अपने ही सर्वे ने चेहरा चयन की गुत्थी को और उलझा दी है। शायद यही वजह है कि भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को कहना पड़ा है कि राम का फैसला जनता तय करेगी। सूत्र बताते हैं कि पार्टी के जरिए कार्यकर्ताओं और जनता के बीच कराए गए सीधे सर्वे में वरूण गांधी, राजनाथ सिंह और स्मृति ईरानी का चेहरा प्रमुखता से उभरकर सामने आया है।
तो संघ की चर्चाओं में गोरखपुर के सांसद आदित्य नाथ का नाम सबसे आगे है। तो सहारनपुर रैली में पीएम मोदी के जरिए प्रदेश भाजपा अध्यक्ष केशव मौर्य को नौजवान कहे जाने के भी मायने निकाले जा रहे हैं। दरअसल असम की सफलता के बाद भाजपा आलाकमान ने वैसा ही दांव यूपी में चलने का मन बनाया है। इसलिए सूबे के चुनाव के लिए चेहरा चयन को लेकर पार्टी में मंथन का दौर जारी है।
इस प्रयास में प्रदेश के संघ अधिकारियों से अनौपचारिक चर्चाओं के पार्टी ने सर्वे का रास्ता भी अपनाया है। बताया जा रहा है कि प्रदेश के संघ अधिकारियों के बीच बीते दिनों यूपी के चेहरे को लेकर हुई अनौपचारिक चर्चा में आदित्य नाथ के अलावा केशव मौर्य, स्मृति ईरानी, दिनेश शर्मा और महेश शर्मा के नाम पर मंथन हुआ। लेकिन वहां भी किसी एक चेहरे पर सहमति नहीं बन पाई है।