फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सर्वे: भारत में 81 फीसदी लोगों की पसंद हैं नरेंद्र मोदी

Wed, 21 Sep 2016 05:12 AM IST
न्यूयॉर्क टाइम्स न्यूज सर्विस/नई दिल्ली
विज्ञापन
विज्ञापन
 देश के भीतर आर्थिक सुधार, धार्मिक व जातिगत तनाव पर आलोचनात्मक रूख के बावजूद अपने दो साल से भी अधिक के कार्यकाल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भारत में व्यापक समर्थन हासिल है। प्यू रिसर्च सेंटर की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक 2016 में मोदी को लेकर 81 प्रतिशत भारतीय उनके साथ खड़े दिखाई दिए। हालांकि पिछले साल यह समर्थन 87 फीसदी था, जो इस बार कुछ कम हुआ है।
विज्ञापन


रिपोर्ट के मुताबिक कांग्रेस के कई समर्थकों ने भी मोदी और भाजपा के प्रति सकारात्मक नजरिया दिखाया है। प्यू रिसर्च सेंटर के निदेशक और रिपोर्ट ऑथर ब्रूस स्टोक्स ने बताया कि संभ्रांत भारतीय व मीडिया के लोग पीएम के अपेक्षा पर खरा न उतर पाने को लेकर दुखी थे, जबकि लोग अभी भी मोदी प्रति पूरी तरह आसक्त हैं।

सर्वे के अनुसार विकास के एजेंडे पर सरकार में आए नरेंद्र मोदी भले ही संसद में विपक्षी गतिरोध के चलते देश में पूरी तरह से आर्थिक बदलाव नहीं कर पाए हों, लेकिन प्रत्येक 10 में से 8 लोग मोदी के आर्थिक कामकाज को सकारात्मक मानते हैं। इनमें से दो-तिहाई लोग भारत में सामान्य तौर पर चलने वाले कामकाज से संतुष्ट नजर आए।
विज्ञापन
विज्ञापन

आतंक के खिलाफ सेना का इस्तेमाल चाहते हैं लोग

हाल ही में त्रैमासिक रिपोर्ट के मुताबिक भारत का आर्थिक विकास 7.1 फीसदी की सालाना दर से आगे बढ़ना भी देश के लिए सकारात्मक रहा है। यह प्रतिशत भारत को दुनिया की सबसे तेज बढ़ती अर्थव्यवस्था बताता है। जबकि दूसरी तरफ लोग मानते हैं कि श्रम, रोजगार, भू अधिग्रहण आदि पर रुके हुए कामों के लिए संसद में सरकार को समर्थन नहीं मिलना एक बड़ा रहा है।

आतंकवाद को जड़ से समाप्त करने के लिए तकरीबन 60 प्रतिशत लोग चाहते हैं कि भारतीय सेना का इस्तेमाल किया जाना चाहिए। प्यू रिसर्च सेंटर की चालीस पेज की सर्वे रिपोर्ट में आधे से अधिक भारतीय पीएम की पाक नीति पर पुनर्विचार चाहते हैं।

मोदी की पाक नीति को महज 22 फीसदी लोगों ने ही मंजूरी दी। इस रिपोर्ट के मुताबिक 52 प्रतिशत भारतीय इस बात को लेकर चिंतित हैं कि आईएस उनके देश में एक बड़ा खतरा न बन जाए। 10 में से करीब 6 भारतीयों का मानना है कि वैश्विक आतंकवाद को खत्म करने के लिए सैन्य अभियान छेड़ा जाना चाहिए।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें