गुजरात के सूरत में सार्वजनिक स्थानों पर जन्मदिन मनाने और मुंह पर केक लगाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। यहां पुलिस ने क्रूर और हिंसक तरीके से जन्मदिन मनाने पर इसलिए प्रतिबंध लगाया है, क्योंकि ऐसी गतिविधियों से लोग परेशान हो जाते हैं। साथ ही इससे लोगों के जीवन को भी खतरा रहता है।
सूरत के पुलिस कमिश्नर सतीश शर्मा ने 14 मई को एक अधिसूचना जारी की। जिसमें सार्वजनिक स्थानों जैसे गार्डन, सड़क और पुलों पर जन्मदिन मनाने पर प्रतिबंध लगाया गया है। ये नियम फिलहाल 12 जुलाई तक लागू रहेगा।
अधिसूचना के मुताबित जो भी इस आदेश का उल्लंघन करेगा उसे आदेश की अवहेलना करने के आरोप में गिरफ्तार किया जा सकता है। अधिसूचना में ये भी कहा गया है कि सूरत पुलिस ने ये फैसला कई लोगों से शिकायत मिलने के बाद लिया है। ऐसे जन्मदिन मनाने के लिए सोशल मीडिया पर मैसेज करने पर भी पुलिस कार्रवााई कर सकती है।
इसमें कहा गया है कि कॉलेज और स्कूल के छात्र अकसर देर रात सार्वजनिक स्थानों पर जन्मदिन का जश्न मनाते हैं, जिससे उपद्रव फैलता है। "जन्मदिन मनाने के नाम पर ये छात्र दूसरों पर जबरन चिपचिपा टेप, केमिकल और फोम लगाते हैं। वह जश्न के दौरान एक दूसरे को मारने भी लगते हैं।
ऐसा भी संभव है कि किसी की मौत हो जाए और ऐसे हिंसक तरीके से जन्मदिन मनाने के कारण सार्वजनिक स्थानों को भी नुकसान पहुंच सकता है।" इस आदेश के अनुसार देर रात सार्वजनिक स्थानों पर जन्मदिन का जश्न नहीं मनाया जा सकता है।
पुलिस कमिश्वर की ओर से इस आदेश पर हस्ताक्षर कर इसे जारी करने वाले सूरत पुलिस के प्रवक्ता पीएल चौधरी का कहना है कि लोग शांतिपूर्ण तरीके से जन्मदिन मना सकते हैं। उनका कहना है, "जो लोग शांतिपूर्ण तरीके से जन्मदिन मनाएंगे पुलिस उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करेगी। ये आदेश केवल उन लोगों के लिए है जो उपद्रव पैदा करते हैं और दूसरों को परेशान करते हैं।"