याचिका पर सुनवाई करने वाले न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी जेपी प्रजापति ने 23 आरोपियों को दो दिनों के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया और चार अन्य को जेल भेजा। आरोपियों को हत्या के प्रयास, स्वेच्छा से चोट पहुंचाने, गैरकानूनी सभा, दंगा, संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप में सोमवार शाम को गिरफ्तार किया गया था।
गुजरात के सूरत शहर में गणपति उत्सव के दौरान गणेश प्रतिमा से अभद्रता के मामले में कोर्ट ने गिरफ्तार किए गए 23 आरोपियों में से 23 को दो दिन की पुलिस हिरासत में भेजा है। साथ ही चार आरोपियों को स्वास्थ्य स्थितियों के कारण न्यायिक रिमांड के तहत जेल भेज दिया। पुलिस ने 27 आरोपियों को अदालत में पेश किया था। साथ ही जांच के लिए उनकी 14 दिन की रिमांड मांगी थी। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कहीं दंगा पूर्व नियोजित साजिश का हिस्सा तो नहीं था।
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याचिका पर सुनवाई करने वाले न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी जेपी प्रजापति ने 23 आरोपियों को दो दिनों के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया और चार अन्य को जेल भेजा। आरोपियों को हत्या के प्रयास, स्वेच्छा से चोट पहुंचाने, गैरकानूनी सभा, दंगा, संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप में सोमवार शाम को गिरफ्तार किया गया था।
लालगेट पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर केवी पटेल ने कहा कि वे यह पता लगाना चाहते हैं कि क्या दंगों के पीछे कोई मास्टरमाइंड था जो शहर की सांप्रदायिक शांति को बिगाड़ने की कोशिश कर रहा था। आरोपी को पहचान परेड और पूछताछ के लिए दो सप्ताह तक हिरासत में रखने की जरूरत है। उन्होंने दलील दी कि पुलिस यह पता लगाना चाहती है कि जब आसपास के इलाकों में कोई निर्माण स्थल नहीं था तो भीड़ के पास इतनी बड़ी संख्या में पत्थर कैसे आ गए और क्या वे पत्थरों से लैस होकर पुलिस स्टेशन आए थे?
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पुलिस के मुताबिक, एक ऑटोरिक्शा में सवार कुछ उपद्रवियों ने गणेश पंडाल में पत्थर फेंके। इससे मूर्ति खंडित हो गई। पुलिस ने इस सिलसिले में कुछ नाबालिगों को हिरासत में लिया। उन्हें लालगेट थाने लाया गया। सूरत के पुलिस आयुक्त अनुपम सिंह गहलोत ने बताया कि जब भीड़ ने अपने समुदाय के लोगों को हिरासत में लिए जाने के विरोध में थाने का घेराव किया तो दो समूहों ने एक दूसरे पर पथराव करना शुरू कर दिया।
इस दौरान कुछ पुलिसकर्मी घायल हो गए। एक पुलिस के वाहनों को भी नुकसान पहुंचा। हालात बेकाबू होता देख पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया और आंसूगैस के गोले छोड़े। मामले में लालगेट पुलिस स्टेशन में तीन अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गईं।
दो महिलाएं हिरासत में
डीसीपी सूरत विजय सिंह गुर्जर ने कहा कि एक गणेश मूर्ति विक्रेता ने बताया कि बच्चों के साथ दो मुस्लिम महिलाएं 17 अगस्त को उसकी दुकान में घुस गईं। जब वहां कोई नहीं था। जब वह दुकान पर लौटा, तो उसे कुछ मूर्तियां क्षतिग्रस्त मिलीं। महिलाएं भिखारिन थीं। शहर में पथराव की घटना के बाद दुकानदार को संदेह हुआ कि यह घटना धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली है। दुकानदार की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की गई और दोनों महिलाओं को हिरासत में लिया गया।