सोमवार को सुप्रीम कोर्ट दाऊदी बोहरा मुस्लिम समुदाय की नाबालिग लड़कियों के खथना करने के खिलाफ डाली गई याचिकाओं पर भी सुनवाई करेगा। पिछली सुनवाई में कोर्ट ने इस प्रथा को बेहद गलत बताते हुए कहा था कि यह धर्म के नाम पर महलाओं के सम्मान के साथ किया जाने वाला खिलवाड़ है। कोई भी किसी के निजी अंगों को छू नहीं सकता और न ही उन्हें काट सकता है।
इस प्रथा का केंद्र सरकार ने भी साफ तौर पर विरोध किया और इसे खत्म करने के लिए अपना पूरा समर्थन देने की बात कही थी। साथ ही केंद्र ने ये भी कहा था कि इस मामले में दंड विधान में सात साल तक की सजा का प्रावधान है। बता दें यह प्रथा बोहरा समाज में आम रिवाज के रूप में प्रचलित है। कोर्ट ने इस प्रथा पर रोक लगाने वाली याचिकाओं पर तेलंगाना और केरल सरकार को नोटिस भी जारी किया था।
पत्थरबाजों का मुकदमा
सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को इस अहम मुद्दे पर भी सुनवाई होगी। जम्मू कश्मीर में पत्थरबाजों से मुकदमा वापस लेने के मामले में दाखिल याचिकाओं के खिलाफ जनहित याचिकाएं दाखिल की गई हैं। इनमें राज्य सरकार के फैसले को भी चुनौती दी गई है। इनमें सेना के लोगों पर एफआईआर दर्ज करने के मामलों को भी उठाया गया है।
डीजीपी मामला
कोर्ट में आज एक्टिंग डीजीपी मामले पर भी सुनवाई होनी है। पिछली सुनाई में कोर्ट ने राज्य व केंद्र सरकार से कहीं पर भी एक्टिंग डीजीपी नियुक्त न करने को कहा था। कोर्ट ने कहा था कि ऐसा करना सुप्रीम कोर्ट का उल्लंघन माना जाएगा।