सुप्रीम कोर्ट जल्द ही राष्ट्रीय न्यायिक डाटा ग्रिड (एनजेडीजी) से जुड़ जाएगा। यह तालुका से लेकर राष्ट्रीय स्तर कर लंबित मामलों और अदालतों की निपटान की दर से संबंधित आंकड़ों का एक कोष है। न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ ने सोमवार को यह जानकारी दी। वर्तमान में पोर्टल केवल हाईकोर्ट स्तर तक का डाटा दिखाता है।
सुप्रीम कोर्ट की ई समिति के अध्यक्ष न्यायाधीश चंद्रचूड़ ने कहा कि हमारे पास सुप्रीम कोर्ट न्यायिक डाटा ग्रिड के लिए पहले से ही एक मॉड्यूल है और मैं सप्ताहांत के दौरान इसे देख रहा था। बहुत जल्द, हमारे पास राष्ट्रीय न्यायिक डाटा ग्रिड का एक लिंक होगा ताकि सर्वोच्च न्यायालय भी राष्ट्रीय न्यायिक डाटा ग्रिड पर आ जाए।
अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल बलबीर सिंह द्वारा केंद्र की ओर से दाखिल स्थिति रिपोर्ट का अध्ययन करने के बाद कोर्ट ने कहा, डाटा दिखाता है कि अपीलें दाखिल करने में अभी भी देरी हो रही है। सिंह ने कहा कि ये सभी अपील सीमा शुल्क व सेवा कर अपीलीय न्यायाधिकरण (सीईएसटीएटी) के आदेशों से उत्पन्न हो रही हैं।
उन्होंने कहा कि सीईएसटीएटी अभी लोकल एरिया नेटवर्क (लैन) पर काम कर रहा है और इसने अभी तक क्लाउड नेटवर्क व्यवस्था पर काम करना शुरू नहीं किया है। सिंह ने आगे कहा कि इसी की वजह से कानूनी सूचना प्रबंधन और ब्रीफिंग प्रणाली (एलआईएमबीएस) पोर्टल के साथ इसका एकीकरण नहीं हो पा रहा है।
सिंह ने कहा कि सीईएसटीएटी के अध्यक्ष की ओर से यह मुद्दा उठाया गया है और हमें उम्मीद है कि आने वाले चार सप्ताह में हम क्लाउड नेटवर्क पर काम करना शुरू कर देंगे। इसके बाद यह एलआईएमबीएस नेटवर्क के साथ एकीकृत हो जाएगा। पीठ ने कहा कि इस मामले की अगली सुनवाई गर्मी की छुट्टियों के बाद होगी।