केंद्र सरकार ने जुलाई 2018 में सुप्रीम कोर्ट से कहा था कि प्रयोग के तौर पर चीफ जस्टिस की अदालत में सांविधानिक मसलों पर होने वाली कार्यवाही की लाइव स्ट्रीमिंग की जा सकती है। इसके आधार पर शीर्ष अदालत ने आदेश जारी करते हुए कहा था कि यह पारदर्शिता ऐसी होगी, जैसे ‘सूर्य की किरणें’ सबसे अच्छा ‘कीटाणुनाशक’ होती हैं।
शीर्ष अदालत ने कहा था कि एक पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर केवल सांविधानिक पीठ के सामने पेश कुछ खास श्रेणी के सांविधानिक या राष्ट्रीय महत्व वाले मुकदमों की सुनवाई की लाइव स्ट्रीमिंग की जा सकती है।