सुप्रीम कोर्ट संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) की वैधता को चुनौती देने वाली पत्रकार की याचिका पर सुनवाई को तैयार हो गया। चीफ जस्टिस एसए बोबडे, जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस सूर्यकांत की पीठ ने साकेत गोखले की याचिका को सीएए को चुनौती देने वाली 160 से ज्यादा अन्य याचिकाओं के साथ शामिल कर लिया। पीठ ने इस याचिका पर भी केंद्र को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
याचिकाओं पर इसी महीने सुनवाई होनी है। सुप्रीम कोर्ट ने 22 जनवरी को 143 याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए यह स्पष्ट कर दिया था कि सीएए के क्रियान्वयन पर रोक नहीं लगाई जाएगी और सरकार से चार सप्ताह में जवाब मांगा था। साथ ही अदालत ने कहा था कि त्रिपुरा और असम से संबंधित याचिकाएं व नियम तैयार हुए बगैर ही सीएए को लागू कर रहे उत्तर प्रदेश से संबंधित मामलों पर अलग से विचार किया जा सकता है।
पीठ ने कहा कि सीएए को लेकर दायर याचिकाओं की सुनवाई के तरीके के बारे में निर्णय करने के लिए अदालत कुछ याचिकाओं को चैंबर में सुनेगी और इसके चार सप्ताह बाद रोजाना सुनवाई कर सकती है। बता दें कि कांग्रेस सांसद जयराम रमेश, टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा, राजद नेता मनोज झा, एआईएमआईएम सांसद असदुद्दीन ओवैसी के अलावा इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग ने सीएए को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है।