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Same Gender Marriage: क्या भारत में समलैंगिक विवाह को मिलेगी मंजूरी, सुप्रीम कोर्ट आज सुनाएगा अहम फैसला

Tue, 17 Oct 2023 05:59 AM IST
जलज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

केंद्र सरकार ने याचिका का पुरजोर विरोध करते हुए कहा था कि याचिकाकर्ताओं की दलील को अनुमति देने से व्यक्तिगत कानूनों के क्षेत्र में तबाही मच जाएगी।
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सुप्रीम कोर्ट - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सुप्रीम कोर्ट समलैंगिक विवाह को कानूनी मंजूरी देने की मांग वाली याचिकाओं पर मंगलवार को फैसला सुनाएगा। सीजेआई जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने 10 दिनों की सुनवाई के बाद 11 मई को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।

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21 याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी, राजू रामचंद्रन, केवी विश्वनाथन (अब सुप्रीम कोर्ट न्यायाधीश), आनंद ग्रोवर और सौरभ किरपाल ने मामले में बहस की थी। केंद्र सरकार ने याचिका का पुरजोर विरोध करते हुए कहा था कि याचिकाकर्ताओं की दलील को अनुमति देने से व्यक्तिगत कानूनों के क्षेत्र में तबाही मच जाएगी। संविधान पीठ में सीजेआई चंद्रचूड़ के अलावा जस्टिस संजय किशन कौल, जस्टिस एस रवींद्र भट, जस्टिस हिमा कोहली और जस्टिस पीएस नरसिम्हा शामिल हैं।

न्यूजक्लिक के संस्थापक की अर्जी पर होगी सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को न्यूजक्लिक के संस्थापक प्रबीर पुरकायस्थ और मानव संसाधन प्रमुख अमित चक्रवर्ती की ओर से उनके खिलाफ दर्ज यूएपीए मामले में पुलिस रिमांड के खिलाफ दायर याचिकाओं को सूचीबद्ध करने पर सहमति व्यक्त की। पुरकायस्थ और चक्रवर्ती ने उन्हें पुलिस हिरासत में भेजने के ट्रायल कोर्ट के आदेश को बरकरार रखने के दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती दी है।

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चंदा कोचर, उनके पति की जमानत पर होगी सुनवाई

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सुप्रीम कोर्ट बैंक धोखाधड़ी मामले में आईसीआईसीआई बैंक की पूर्व सीईओ व प्रबंध निदेशक चंदा कोचर और उनके व्यवसायी पति दीपक कोचर को बॉम्बे हाईकोर्ट से मिली जमानत के खिलाफ केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीाई) की याचिका पर सुनवाई करने के लिए तैयार हो गया है। जस्टिस अनिरुद्ध बोस और जस्टिस बेला एम त्रिवेदी की पीठ ने सोमवार को सीबीआई की याचिका पर चंदा कोचर और उनके पति को नोटिस जारी करते हुए तीन सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने को कहा। सीबीआई की तरफ से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने कहा कि हाईकोर्ट गलत धारणा पर आगे बढ़ा कि इनकी ओर से किए गए अपराध में अधिकतम सात साल कैद की सजा का प्रावधान है।

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