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Health: सेहत के मामले में परिवार की सुनते हैं 76% भारतीय, इन्फ्लुएंसर-सेलिब्रिटी से नहीं होते प्रभावित

Tue, 17 Oct 2023 05:42 AM IST
जलज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

सर्वे के मुताबिक, 58 फीसदी भारतीय वजन घटाने के बारे में तभी सोचते हैं, जब उनके कपड़े तंग होने लग जाते हैं। वहीं, 46 फीसदी परिवार और दोस्तों की तरफ से जब उनके शरीर के वजन पर आकस्मिक टिप्पणियों की जाने लगती हैं, तो वे खाने की आदतों पर पुनर्विचार करते हैं।
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BodyBuilding in Gym - फोटो : Pixabay
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विस्तार
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देश के 76 फीसदी लोग सेहत से जुड़े मामलों में फैसले और चुनाव करने के लिए परिवार और दोस्तों की सलाह सुनते हैं। इस मामले में उन्हें सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और सेलिब्रिटी के विज्ञापनों पर भरोसा नहीं है। यह बात एक सर्वे में सामने आई है।

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सर्वे के मुताबिक, 58 फीसदी भारतीय वजन घटाने के बारे में तभी सोचते हैं, जब उनके कपड़े तंग होने लग जाते हैं। वहीं, 46 फीसदी परिवार और दोस्तों की तरफ से जब उनके शरीर के वजन पर आकस्मिक टिप्पणियों की जाने लगती हैं, तो वे खाने की आदतों पर पुनर्विचार करते हैं। वर्ल्ड फूड डे पर फिटेलो एप के जरिये स्टेट ऑफ योर प्लेट सर्वेक्षण में करीब पांच हजार लोगों ने जवाब दिए।

तनाव की वजह से करते हैं ज्यादा भोजन
सर्वेक्षण में 33 फीसदी महिलाओं ने कहा कि वे पारिवारिक जिम्मेदारियों, विशेषकर बच्चों की देखभाल के कारण तनावग्रस्त होकर भोजन करती हैं और स्वास्थ्य लक्ष्यों से चूक जाती हैं। वहीं, 35 फीसदी पुरुषों ने बताया कि दफ्तर की मीटिंग व पार्टियों के चलते उनके स्वास्थ्य लक्ष्यों से भटकने की संभावना ज्यादा रहती है।

18 से 63 साल के लोग सर्वे में शामिल

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सर्वेक्षण के निष्कर्षों में कहा गया है कि लोकप्रिय धारणा के विपरीत कि मशहूर हस्तियां और सोशल मीडिया सितारे लोगों के स्वास्थ्य विकल्पों को प्रभावित नहीं करते हैं। सर्वेक्षण में 18 से 63 वर्ष के लोग शामिल हुए, जिनमें से 90 फीसदी उत्तरदाता मिलेनियल और जेन जेड श्रेणी के थे, जबकि 77 फीसदी उत्तरदाता महिलाएं थीं।

सर्वे के निष्कर्षों से पता चलता है कि 57% लोग पारिवारिक मिलन समारोह के दौरान, 44% उत्सवों के दौरान और 35 फीसदी तनावपूर्ण समय के दौरान भूख के बजाय भावनाओं में बहकर भोजन करने लगते हैं और अपने स्वास्थ्य लक्ष्यों को दरकिनार कर देते हैं।

हल्के व्यायाम को ज्यादा महत्व 
सर्वे में सामने आया कि 57 फीसदी भारतीय जश्न मनाने के दौरान पश्चिमी देशों की तरह ज्यादा, नमक और वसा वाले भोजन को पसंद करते हैं, लेकिन पश्चिम देशों के लोगों की तरह फिटनेस लक्ष्यों का पालन नहीं करते हैं। पश्चिम में लोग जहां पर्याप्त कार्डियो व्यायाम या खेलों शामिल होते हैं, जबकि सिर्फ 46 फीसदी भारतीय हल्का व्यायाम करते हैं और 55 फीसदी पैदल चलना पसंद करते हैं।

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