नौ महीने पहले हैदरपोरा में पुलिस के साथ मुठभेड़ में चार लोगों की मौत हो गई थी। पुलिस ने चारों के आतंकवादी होने का दावा किया था, जिसका तीन परिवार वालों ने विरोध किया था।
श्रीनगर के चर्चित और विवादास्पद हैदरपोरा मुठभेड़ मामले में सुप्रीम कोर्ट आज अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए एनकाउंटर में मारे गए आमिर माग्रे के पिता की याचिका को खारिज कर दिया है। मृतक आमिर के पिता अब्दुल लतीफ ने अपने बेटे का शव कब्र से निकलवाने के लिए कोर्ट में याचिका दायर की थी। इस मामले में सुप्रीम अदालत ने 27 अगस्त को फैसला सुरक्षित रख लिया था।
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दरअसल, नौ महीने पहले हैदरपोरा में पुलिस के साथ मुठभेड़ में चार लोगों की मौत हो गई थी। पुलिस ने चारों के आतंकवादी होने का दावा किया था, जिसका तीन परिवार वालों ने विरोध किया था। इनमें से एक आमिर के पिता अब्दुल लतीफ माग्रे भी थे। मारे गए लोगों के परिवारों और राजनीतिक दलों के विरोध के बाद सरकार ने अल्ताफ भट और किरायेदार मुदासिर के शव उनके घर वालों को वापस कर दिए थे।
हाईकोर्ट में भी हो चुकी है सुनवाई
आमिर के पिता अब्दुल माग्रे ने इस मामले में पहले हाईकोर्ट का रुख किया था। उन्होंने अपने बेटे का शव पाने के लिए याचिका दायर की थी, जिसके बाद कोर्ट ने आदेश दिया था कि परिवार वालों को बेटे के शव से वंचित नहीं किया जा सकता है। हालांकि, बाद में सरकार ने शव के सड़ने का बहाना देकर उस आदेश को टाल दिया था। इसके बाद हाईकोर्ट ने पीड़ित परिवार को पांच लाख रुपये का मुआवजा और आमिर की कब्र पर 10 लोगों को फातिहा ख्वानी की अनुमति दी थी। इसके बाद आमिर के पिता ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी।