सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस की उत्तर प्रदेश इकाई के प्रमुख अजय राय के खिलाफ वाराणसी की एक अदालत में शुरू की गई आपराधिक कार्यवाही पर रोक लगाने से इनकार किया है। राय के खिलाफ यह कार्यवाही 2010 में गैंगस्टर अधिनियम के तहत दर्ज एक मामले में शुरू की गई है। न्यायमूर्ति अभय एस ओका और न्यायमूर्ति राजेश बिंदल की अवकाशकालीन पीठ ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ राय द्वारा दायर याचिका पर उत्तर प्रदेश सरकार को नोटिस जारी किया। शीर्ष अदालत ने मामले की सुनवाई 15 जुलाई के लिए निर्धारित की है। आपको बता दें कि 26 मार्च 2010 को भानु प्रताप सिंह नाम के एक व्यक्ति ने वाराणसी के चेतगंज पुलिस थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने राय और चार अन्य के द्वारा दायर याचिका खारिज करते हुए कहा था कि मामले की सुनवाई अंतिम चरण में है और नौ गवाहों की गवाही हो चुकी है।
सत्येंद्र जैन की जमानत याचिका पर नौ जुलाई को फैसला सुनाए हाईकोर्ट- सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली उच्च न्यायालय से ईडी के मामले में ‘आप’ नेता और पूर्व मंत्री सत्येंद्र कुमार जैन की जमानत याचिका पर नौ जुलाई को फैसला सुनाने को कहा। जस्टिस मनोज मिश्रा और एसवीएन भट्टी की पीठ ने कहा कि जमानत के मामलों को अनावश्यक रूप से टालना ठीक नहीं है। दरअसल, सत्येंद्र जैन ने हाईकोर्ट की ओर से उनकी जमानत याचिका पर छह सप्ताह के स्थगन के खिलाफ शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाया था। उन्होंने यह भी तर्क दिया कि इसी तरह का एक मामला शीर्ष अदालत के समक्ष लंबित है और इसलिए उनकी याचिका को इसके साथ लगाया जाना चाहिए। इससे पहले 28 मई को हाईकोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय से जवाब मांगा था और मामले पर स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने को कहा था। कोर्ट ने जेल से सत्येंद्र जैन का नाममात्र रोल भी मांगा और मामले को 9 जुलाई को आगे की सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया।
क्या है मामला?
ईडी ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत 2017 में उनके खिलाफ दर्ज सीबीआई की प्राथमिकी के आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 30 मई, 2022 को जैन को गिरफ्तार किया। सीबीआई द्वारा दर्ज मामले में उन्हें 6 सितंबर, 2019 को एक ट्रायल कोर्ट से नियमित जमानत मिल गई थी।