सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को पत्रकार तरुण तेजपाल की याचिका पर सुनवाई 5 नवंबर तक टाल दी। तेजपाल ने 2013 के दुष्कर्म मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी है। हाईकोर्ट ने उन्हें 10 साल की सजा सुनाई थी। जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस प्रसन्ना बी वराले की पीठ ने यह फैसला गोवा सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता के समय मांगने पर लिया। तेजपाल की ओर से पेश वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने दिवाली पर उन्हें घर जाने की अनुमति देने की मांग की। हालांकि, मेहता ने इसका विरोध किया। सुप्रीम कोर्ट ने पहले तेजपाल की सजा को चुनौती देने वाली याचिका पर गोवा पुलिस को नोटिस जारी किया था। वहीं, गोवा सरकार ने भी सजा बढ़ाने की मांग करते हुए याचिका दायर की है। बॉम्बे हाईकोर्ट ने 6 अगस्त को तेजपाल को दोषी ठहराते हुए 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई थी। इससे पहले ट्रायल कोर्ट ने उन्हें बरी कर दिया था। यह मामला 2013 में गोवा के एक होटल की लिफ्ट में अपनी जूनियर सहकर्मी से दुष्कर्म से जुड़ा है। तेजपाल ने 20 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट में हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी थी।