सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को अपनी रजिस्ट्री को नकली व मिलावटी दवाओं के निर्माण तथा बिक्री पर रोक लगाने के लिए एक व्यापक ढांचा बनाने की मांग वाली याचिका की प्रति संबंधित अधिकारियों को विचार के लिए भेजने का निर्देश दिया। चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने याचिकाकर्ता अश्विनी कुमार उपाध्याय से सवाल किया, क्या आपने यह याचिका दायर करने से पहले अधिकारियों को कोई सुझाव दिया था? उपाध्याय ने मौजूदा व्यवस्था में खालीपन का जिक्र करते हुए कहा कि बंगलूरू के कई अस्पतालों में नकली कैंसर रोधी दवाओं की आपूर्ति किए जाने की खबरें सामने आई हैं। पीठ ने कहा, हम आपकी याचिका को प्रतिवेदन के तौर पर संबंधित अधिकारियों को भेज देंगे। यहां याचिका लंबित रखने के बजाय यह अधिक प्रभावी होगा। पीठ ने कहा, ऐसे मामलों में जहां प्रतिवादियों को विभिन्न प्रकार की कार्रवाई करनी है, हम मामले के गुण-दोष पर कोई राय व्यक्त किए बिना इस याचिका का निपटारा कर रहे हैं। रजिस्ट्री को निर्देश दिया जाता है कि वह याचिका की एक प्रति संबंधित अधिकारियों को विचार के लिए भेजे।