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Supreme Court: मनी लॉन्ड्रिंग केस में सत्येंद्र जैन की अंतरिम जमानत अगले आदेश तक बढ़ी, 14 दिसंबर को सुनवाई

Mon, 11 Dec 2023 04:12 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट ने आप नेता सत्येंद्र जैन की अंतरिम जमानत अगले आदेश तक बढ़ा दी है। मामले पर अगली सुनवाई 14 दिसंबर को होगी।  
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सुप्रीम कोर्ट - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सुप्रीम कोर्ट ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आम आदमी पार्टी (आप) के नेता सत्येंद्र जैन की अंतरिम जमानत अगले आदेश तक बढ़ा दी है। मामले पर सुनवाई बुधवार 14 दिसंबर तक को होगी। यह मामला जस्टिस बेला एम. त्रिवेदी और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की पीठ के समक्ष सूचीबद्ध था।

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जस्टिस बेला एम. त्रिवेदी ने कहा कि मामला नियमित कोर्ट में आया है। जैन की ओर से पेश वरिष्ठ वकील ए.एम.सिंघवी ने कोर्ट से मामले को स्थगित करने का आग्रह किया। सिंघवी ने कहा कि उन्हें मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) की अगुवाई वाली बेंच के सामने इसका जिक्र करना होगा। 

कोर्ट ने इस निर्देश के साथ मामले की सुनवाई स्थगित कर दी कि जैन को दी गई अंतरिम जमानत सुनवाई की अगली तारीख तक जारी रहेगी। इससे पहले जस्टिस ए.एस.बोपन्ना और जस्टिस बेला एम.त्रिवेदी की दो सदस्यीय बेंच ने इस मामले की आंशिक सुनवाई की थी।

पिछली सुनवाई पर जस्टिस त्रिवेदी ने कहा कि अंतरिम आदेश इतने लंबे समय तक जारी नहीं रह सकता और उन्हें इन पहलुओं को देखना होगा। हालांकि, वरिष्ठ वकील सिंघवी ने कहा कि अंतरिम आदेश को छुआ नहीं जा सकता क्योंकि मामले की सुनवाई करने वाली पीठ इकट्ठा नहीं हो रही है। उन्होंने कोर्ट से मामले को जनवरी में रखने का आग्रह किया था क्योंकि उन्हें बताया गया था कि अन्य न्यायाधीश अगले महीने बैठेंगे।

सत्येंद्र जैन की 21 जुलाई को सर्जरी हुई थी। चिकित्सा आधार पर जैन को दी गई अंतरिम जमानत समय-समय पर बढ़ी है। सुप्रीम कोर्ट ने 26 मई को जैन को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में छह सप्ताह के लिए अंतरिम जमानत दी थी, लेकिन उन पर मीडिया से बात न करने और बिना अनुमति के दिल्ली न छोड़ने समेत कई शर्तें लगाई थीं।

मणिपुर हिंसा: सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की जनहित याचिका
सुप्रीम कोर्ट ने आज एक जनहित याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया है, जिसमें हिंसा प्रभावित मणिपुर में कानून व्यवस्था को बहाल करने और दखल देने के लिए केंद्र को निर्देश देने की मांग की गई थी। 

सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा की बंच ने जनहित याचिका दाखिल करने वालों की ओर से पेश वरिष्ठ वकील गोपाल शंकर नारायणणन की दलीलों का संज्ञान लिया। बेंच ने कहा, एक समति पहले से ही हिंसा और अन्य पहलुओं से जुड़े मुद्दों पर गौर कर रही है। वकील नेहा राठी की सहायता से वरिष्ठ वकील ने कहा, एक समिति की आवश्यकता है जो सभी समुदायों को बातचीत की मेज पर ला सके। इस पर बेंच ने कहा, 'इस कोर्ट ने जस्टिस (रिटायर्ड) गीता मित्तल की अध्यक्षता में पहले ही एक समिति गठित कर दी है।'

सुप्रीम कोर्ट ने राघव चड्ढा का निलंबन खत्म करने के फैसले पर लिया संज्ञान
सुप्रीम कोर्ट ने आप सांसद राघव चड्ढा का राज्यसभा से चार दिसंबर को किया गया अनिश्चितकालीन निलंबन रद्द करने को लेकर हुए घटनाक्रम का सोमवार को संज्ञान लिया और इसे चुनौती देने वाली उनकी याचिका का निपटारा कर दिया। राज्यसभा ने चार दिसंबर को भाजपा सदस्य जीवीएल नरसिम्हा राव द्वारा पंजाब से उच्च सदन के सदस्य चड्ढा का निलंबन खत्म करने के लिए लाए गए प्रस्ताव को ध्वनिमत से स्वीकार कर लिया था।

सांसद को विशेषाधिकार समिति ने मीडिया में भ्रामक तथ्य पेश करने का दोषी ठहराया था और निलंबन वापस लिए जाने के बाद उन्हें सदन की कार्यवाही में भाग लेने की अनुमति दी गई थी। सीजेआई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली तीन न्यायाधीशों की पीठ ने जैसे ही चड्ढा की याचिका पर सुनवाई की, उनके वकील शादान फरासत ने कहा कि उनका निलंबन रद्द किया गया है। बेंच ने कहा, इस असाधारण घटनाक्रम को देखते हुए याचिका निरर्थक हो गई है। याचिका का निपटारा किया जाता है। वकील ने मामले में हस्तक्षेप के लिए पीठ को धन्यवाद दिया।
 

शीर्ष कोर्ट में संजय सिंह की याचिका पर सुनवाई टली
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को आम आदमी पार्टी नेता संजय सिंह की तरफ से दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली की याचिका पर सुनवाई स्थगित कर दी। हाईकोर्ट ने कथित शराब नीति घोटाले में रिमांड और गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली उनकी याचिका खारिज कर दी थी। जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस एसवीएन भट्टी की पीठ ने मामले पर अगली सुनवाई 5 फरवरी तक टाल दी है।  
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यूपी सरकार से सुप्रीम सवाल, स्कूलों में कैसे लागू करेंगे सुझाव
मुजफ्फरनगर के खुब्बापुर थप्पड़ कांड में सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। सुप्रीम कोर्ट ने टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंस की विस्तृत रिपोर्ट का अवलोकन किया। रिपोर्ट में दिए गए सुझाव को राज्य सरकार से प्रदेश के विद्यालयों में लागू करने के बारे में जानकारी ली। शाहपुर ब्लॉक के गांव खुब्बापुर स्थित नेहा पब्लिक स्कूल में छात्र के थप्पड़ प्रकरण को लेकर सोमवार को तुषार गांधी की जनहित याचिका पर सर्वोच्च न्यायालय के न्यायामूर्ति अभय एस ओझा और संदीप मेहता की खंडपीठ में सुनवाई हुई। सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार से पूछा कि टीआईएसएस की ओर से दिए गए सुझावों को वह प्रदेश के सभी विद्यालयों में कैसे लागू करेंगे। साथ ही 17 जनवरी को सरकार से जवाब भी मांगा है। 
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