बिलकिस बानो की याचिका पर 13 दिसंबर को शीर्ष अदालत में होगी सुनवाई
2002 के गुजरात दंगों की पीड़िता बिलकिस बानो की याचिका पर 13 दिसंबर को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी। बिलकिस बानो ने इस मामले में राज्य सरकार द्वारा 11 दोषियों की सजा माफ करने को चुनौती दी है। साल 2002 के गोधरा दंगों के दौरान सामूहिक दुष्कर्म और परिवार के सदस्यों की हत्या करने वाले 11 दोषियों की समय से पहले रिहाई को चुनौती देते हुए बिलकिस बानो ने सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल की थी। इसमें 13 मई के आदेश पर दोबारा विचार करने की मांग की गई है। इसमें सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि गैंगरेप के दोषियों की रिहाई में 1992 में बने नियम लागू होंगे। इसी आधार पर 11 दोषियों की रिहाई हुई थी।
मिली जानकारी के मुताबिक, न्यायमूर्ति अजय रस्तोगी और न्यायमूर्ति बेला एम त्रिवेदी की पीठ द्वारा बानो की याचिका पर विचार करने की संभावना है। बानो ने एक दोषी की याचिका पर शीर्ष अदालत के 13 मई, 2022 के आदेश की समीक्षा के लिए एक अलग अर्जी भी दायर की है।
वेब सीरीज 'तांडव' को लेकर दर्ज एफआईआर में अमेजन प्राइम वीडियो की इंडिया हेड अपर्णा पुरोहित को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। न्यायमूर्ति संजीव खन्ना और एम एम सुंदरेश की पीठ ने उनको इस मामले में अग्रिम जमानत दे दी है। मामले की जांच में अपर्णा पुरोहित के सहयोग को देखते हुए अदालत ने उनको अग्रिम जमानत दी है। याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी और सिद्धार्थ लूथरा ने अदालत को बताया कि पुरोहित जांच में सहयोग कर रही हैं। शीर्ष अदालत ने इससे पहले 5 मार्च, 2021 को पुरोहित को गिरफ्तारी से अंतरिम संरक्षण प्रदान किया था।
उन पर उत्तर प्रदेश पुलिस कर्मियों, हिंदू देवताओं का अनुचित चित्रण और वेब सीरीज में प्रधान मंत्री की भूमिका निभाने वाले चरित्र के गलत चित्रण का आरोप लगाया गया है।