ट्रेडमार्क के उल्लंघन के मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान कुछ ऐसा हुआ, जो असामान्य था। दरअसल सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट में शराब की बोतलें पेश की गईं। मामला दो शराब कंपनियों के एक जैसे ट्रेडमार्क और पैकेजिंग से जुड़ा है। जिस पर एक कंपनी ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ ने शराब निर्माता कंपनी पेरनोड रिकार्ड इंडिया प्राइवेट लिमिटेड की याचिका पर सुनवाई की।
क्या है ट्रेडमार्क उल्लंघन का ये मामला
पेरनोड रिकार्ड इंडिया प्राइवेट लिमिटेड कंपनी ब्लेंडर्स प्राइड और इंपीरियल ब्लू के नाम से अपने दो व्हिस्की ब्रांड बेचती है। मध्य प्रदेश की कंपनी जेके इंटरप्राइजेज लंदन प्राइड के नाम से व्हिस्की की बिक्री करती है। पेरनोड रिकार्ड कंपनी का आरोप है कि लंदन प्राइड व्हिस्की ने उनके जैसा मिलता जुलता नाम और पैकेजिंग की है और यह ट्रेडमार्क नियम का उल्लंघन है। पेरनोड रिकार्ड कंपनी ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है।
हाईकोर्ट ने कंपनी की याचिका खारिज कर दी थी
दरअसल कमर्शियल निचली अदालत ने पेरनोड रिकार्ड कंपनी की जेके एंटरप्राइजेज कंपनी के खिलाफ ट्रेडमार्क उल्लंघन के आरोप वाली याचिका खारिज कर दी थी और कहा था कि इस मामले में ट्रेडमार्क नियमों का कोई उल्लंघन नहीं हुआ है। इस फैसले के खिलाफ कंपनी ने हाईकोर्ट का रुख किया, लेकिन हाईकोर्ट ने भी निचली अदालत के फैसले को सही माना और कंपनी की याचिका खारिज कर दी। अब हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ पेरनोड रिकार्ड कंपनी सुप्रीम कोर्ट पहुंची है।
हाईकोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि निचली अदालत ने कोई गलती नहीं की है क्योंकि दोनों व्हिस्की में कोई समानता नहीं है। मामले पर शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान पेरनोड रिकार्ड कंपनी की तरफ से पेश हुए वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी ने ट्रेडमार्क और पैकेजिंग की समानता दिखाने के लिए अदालत में दोनों ब्रांड की व्हिस्की की बोतलें पेश की। रोहतगी ने कहा कि दोनों बोतलों में भी समानता हैं।