सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को राजीव गांधी हत्याकांड से संबंधित एक याचिका की सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार से बेल्ट बम बनाने वाले षडयंत्र से जुड़ी जांच से संबंधित जानकारी मुहैया कराने के लिए कहा।
इस बेल्ट बम से 1991 में तमिलनाडु में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या का षडयंत्र रचा गया था। कोर्ट ने बेल्ट बम मामले में दोषी पाए गए आरोपी की याचिका पर सुनवाई करते हुए सरकार से मामले की जांच से संबंधित जानकारी देने को कहा गया है। दोषी ने बम के लिए 9 बोल्ट की बैटरी सप्लाई की थी।
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पेरारीवलम ने कोर्ट को याचिका के माध्यम से सूचित किया था कि राजीव गांधी की हत्या के पीछे एक बड़ा षडयंत्र रचा गया था। याचिकाकर्ता के वकील गोपाल शंकरनारायण ने अभियोजन पक्ष के उस बयान को गलत बताया जिसमें कहा गया था कि घटना को अंजाम देने वालों के पास हाईग्रेड एक्सप्लोसिव और आईडी के अन्य पार्ट बनाने के लिए भरपूर संसाधन मौजूद थे। वकील ने बताया कि क्या ऐसा हो सकता था कि ब्लास्ट में शामिल लोग पेरारीवलम पर बम की बैटरी के लिए निर्भर थे।