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SC: नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ याचिकाओं पर 12 सितंबर को सुनवाई, 200 अर्जियों पर विचार करेगी CJI की बेंच

Thu, 08 Sep 2022 09:54 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

2019 में पारित हुए नागरिकता संशोधन विधेयक को अब तक कानून के रूप में लागू नहीं किया जा सका है। सीएए के नियमों को लेकर अब तक गृह मंत्रालय स्पष्ट जानकारी नहीं दे सका है।
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सुप्रीम कोर्ट - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के खिलाफ दायर याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट 12 सितंबर (सोमवार) को सुनवाई करेगा। इसी दिन चीफ जस्टिस यूयू ललित की बेंच 200 अन्य मामलों पर विचार करेगी। सीएए 10 जनवरी, 2020 को प्रभावी हुआ था। 200 से अधिक याचिकाएं वर्तमान में सुप्रीम कोर्ट के समक्ष लंबित हैं जिनमें सीएए को चुनौती दी गई हैं। याचिकाओं ने तर्क दिया गया है कि अधिनियम  पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से गैर-मुस्लिम प्रवासियों को नागरिकता प्रदान करता है, जो धर्म-आधारित भेदभाव को बढ़ावा देता है।

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सुप्रीम कोर्ट (फाइल) - फोटो : सोशल मीडिया
तमिलनाडु के मंत्री के खिलाफ आपराधिक मामला फिर बहाल
एक अन्य मामले में सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु के बिजली मंत्री सेंथिल बालाजी आपराधिक मामले को फिर से बहाल कर दिया है। नौकरी के इच्छुक लोगों से रिश्वत लेने के आरोप की शिकायत बहाल की गई है। सुप्रीम कोर्ट ने 2021 के मद्रास हाईकोर्ट के मामला रद्द करने के आदेश को पलट दिया है। कोर्ट ने कहा कि हाईकोर्ट का मामला रद्द करने का फैसला टिकने वाला नहीं है। कोर्ट तमिलनाडु के वर्तमान बिजली मंत्री वी सेंथिल बालाजी सहित चार लोगों के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही को रद्द करने के मद्रास हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर फैसला सुना रहा था। मद्रास हाईकोर्ट ने राज्य के बिजली मंत्री और द्रमुक विधायक सेंथिल बालाजी के खिलाफ 2018 के एक धोखाधड़ी मामले को रद्द कर दिया था, क्योंकि सभी 13 कथित पीड़ितों ने इस मुद्दे से समझौता किया था और मामले को रद्द करना चाहते थे। बेंच ने मंत्री, उनके भाई अशोक कुमार, निजी सहायक षणमुगम और मेट्रोपॉलिटन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (एमटीसी) के कर्मचारी राजकुमार के खिलाफ मामला खारिज कर दिया था, जब अदालत को बताया गया था कि शिकायतकर्ता और भर्ती घोटाले के 13 कथित पीड़ितों ने समझौता किया है।
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