पंजाब के नए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पद संभालने के बाद पंजाब पुलिस को पहला आदेश यह दिया था कि मजीठिया के खिलाफ जांच के लिए चार सदस्यीय विशेष जांच समिति (एसआईटी) का पुनर्गठन किया जाए।
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया की एक याचिका पर सुनवाई की तारीख 26 अप्रैल तय की है। इस याचिका में मजीठिया ने पंजाब पुलिस की ओर से अपने खिलाफ दर्ज की गई एक एफआईआर को रद्द करने का निर्देश देने का अनुरोध किया है। यह एफआईआर नारकोटिक्स ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्स्टेंस (एनडीपीएस) एक्ट 1985 के तहत दर्ज की गई है।
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न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ और सूर्यकांत की पीठ ने कहा कि हम इस मामले पर 26 अप्रैल को सुनवाई करेंगे। सुप्रीम कोर्ट ने 21 जनवरी को मजीठिया को 23 फरवरी तक गिरफ्तारी से राहत दी थी। यह राहत 20 फरवरी को हुए विधानसभा चुनाव को देखते हुए दी गई थी जिसमें मजीठिया अमृतसर पूर्व विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे है। गिरफ्तारी से राहत अवधि पूरी होने के बाद उन्होंने आत्मसमर्पण कर दिया था।
मजीठिया बोले, राजनीति से प्रेरित है मामला
पंजाब में मंत्री रह चुके मजीठिया ने इस मामले को राजनीति से प्रेरित बताया है। उनका कहना है कि पहले ही उच्च पद वाले पुलिस अधिकारी पूछताछ कर चुके हैं। पंजाब के नए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पद संभालने के बाद पंजाब पुलिस को पहला आदेश यह दिया था कि मजीठिया के खिलाफ जांच के लिए चार सदस्यीय विशेष जांच समिति (एसआईटी) का पुनर्गठन किया जाए। पिछली एसआईटी में तीन सदस्य थे।