सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को एंड्रॉइड मोबाइल डिवाइस से संबंधित मामले में गूगल और सीसीआई की याचिकाओं को स्थगित कर दिया, जिनपर अब सुनवाई 10 अक्तूबर को निर्धारित की गई है। मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति पीएस नरसिम्हा और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा की पीठ ने शुक्रवार को गूगल और भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग क्रॉस-याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए कहा कि वह मामले में तैयार होने के लिए कुछ समय चाहती हैं वहीं पक्षों से सात अक्तूबर तक दलीलें दाखिल करने का काम पूरा करने को कहा।
सीसीआई ने गूगल पर 1337.6 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था
पिछले साल 20 अक्तूबर को सीसीआई ने गूगल को एंड्रॉयड मोबाइल उपकरणों के मामले में अपने प्रभुत्व का लाभ लेते हुए गैर प्रतिस्पर्धी गतिविधियों में शामिल होने का आरोपी पाया था। सीसीआई ने गूगल पर 1,337.6 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था। सीसीआई ने गूगल को अनुचित व्यापार गतिविधियों में शामिल होने से बचने की हिदायत भी दी थी। प्रतिस्पर्धा आयोग के इसी फैसले को नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल (एनसीएलएटी) में चुनौती दी गई थी जिसने रुपये का जुर्माना बरकरार रखने का फैसला दिया था।
शीर्ष अदालत ने दोनों की अपीलें स्वीकार कीं
इसके बाद गूगल इंडिया और सीसीआई दोनों एनसीएलएटी के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट चले गए। शीर्ष अदालत ने दोनों की अपीलें स्वीकार कर ली हैं। इससे पहले, सुप्रीम कोर्ट ने एनसीएलएटी के उस आदेश में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया था, जिसमें गूगल इंडिया को कथित प्रतिस्पर्धा विरोधी प्रथाओं के लिए सीसीआई द्वारा प्रौद्योगिकी दिग्गज गूगल पर लगाए गए 1337.76 करोड़ रुपये के जुर्माने का दस फीसदी जमा करने का निर्देश दिया गया था।
भारत में कंपनियों के बीच प्रतिस्पर्धा पर नजर रखने वाली एजेंसी कॉम्पिटीशन कमीशन ऑफ इंडिया ने गूगल पर अपने प्रभुत्व का इस्तेमाल करते हुए बाजार को प्रभावित करने का आरोप लगाते हुए जुर्माना लगाया था। गूगल ने इस फैसले को एनसीएलएटी के सामने चुनौती दी थी। हालांकि गूगल ने अपने ऊपर लगे आरोपों को गलत करार दिया था।