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Chandrayaan-3: असम के बेटे ने रोशन किया नाम, चंद्रयान-3 की लॉन्चिंग में बतौर परियोजना निदेशक निभाई अहम भूमिका

Fri, 14 Jul 2023 06:59 PM IST
अभिषेक दीक्षित पीटीआई, लखीमपुर (असम)

सार

भारत ने शुक्रवार को अपने तीसरे चंद्र मिशन चंद्रयान-3 का सफल प्रक्षेपण किया। यहां एलवीएम3-एम4 रॉकेट के जरिए लॉन्च किए मिशन के तहत चंद्रमा की सतह पर एक बार फिर सॉफ्ट लैंडिंग का प्रयास किया जाएगा। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने बताया कि चंद्रयान-3 की ‘सॉफ्ट लैंडिंग’ 23 अगस्त को शाम पांच बजकर 47 मिनट पर किए जाने की योजना है। 15 साल में इसरो का यह तीसरा चंद्र मिशन है।
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चयन दत्ता - फोटो : Social Media
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विस्तार
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‘चंद्रयान-3’ के प्रक्षेपण की कमान असम के एक बेटे के हाथों में भी थी। जैसे ही ‘चंद्रयान-3’ के सफल प्रक्षेपण को देश-दुनिया ने लाइव देखा, वैसे ही असम के उत्तरी क्षेत्र के एक गांव में खुशी की लहर दौड़ गई। इसकी वजह थी, उनके बीच का एक लड़का इस अभियान का हिस्सा था। यह लड़का बहुप्रतीक्षित मिशन के प्रक्षेपण नियंत्रण संचालन की देखरेख कर रहा था।

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मिशन में उप परियोजना निदेशक की भूमिका निभा रहे चयन दत्ता के माता-पिता उत्तरी लखीमपुर में छोटी सी दुकान चलाते हैं। चयन के पिता रंजीत दत्ता ने कहा कि सभी के आशीर्वाद से हमारा बेटा यहां तक पहुंचा है। हम भविष्य में ऐसी और सफलताओं के लिए उनकी शुभकामनाएं चाहते हैं। उन्होंने पत्नी और कुछ अन्य लोगों के साथ मोबाइल फोन पर प्रक्षेपण देखा। उन्होंने कहा कि हम साधारण पृष्ठभूमि के लोग हैं। मुझे खुशी है कि मेरे कुछ दोस्त हमारे साथ इस पल के गवाह बने।

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लॉन्च होने पर चयन की मां भावुक हो गईं
मिशन सफलतापूर्वक लॉन्च होने पर चयन की मां भावुक हो गईं। जब उनसे उनके बेटे की सफलता के बारे में कुछ कहने को कहा गया तो  उनकी आंखों से खुशी के आंसू छलक आए। उन्होंने सिर्फ मुस्कुराकर ही जवाब दिया। इसके अलावा उन्होंने एक शब्द भी नहीं कहा।

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माता-पिता से मिशन के लिए आशीर्वाद मांगा था
बेंगलुरु में अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ रहने वाले चयन इस साल जनवरी में घर आए थे और जब आखिरी बार फोन पर बात हुई थी तो उन्होंने अपने माता-पिता से मिशन के लिए आशीर्वाद मांगा था। चयन दत्ता तेजपुर विश्वविद्यालय के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं संचार इंजीनियरिंग विभाग के पूर्व छात्र हैं। वह फिलहाल अंतरिक्ष विभाग के यूआर राव उपग्रह केंद्र में वैज्ञानिक/इंजीनियर-जी के रूप में काम कर रहे हैं।

600 करोड़ की अनुमानित लागत आई

  • भारत ने शुक्रवार को यहां एलवीएम3-एम4 रॉकेट के जरिए अपने तीसरे चंद्र मिशन-‘चंद्रयान-3’ का सफल प्रक्षेपण किया।
  • उड़ान भरने के लगभग 16 मिनट बाद प्रणोदन मॉड्यूल रॉकेट से सफलतापूर्वक अलग हो गया।
  • सफल प्रक्षेपण के बाद इसरो अध्यक्ष एस सोमनाथ ने मिशन नियंत्रण कक्ष (एमसीसी) से कहा कि रॉकेट ने चंद्रयान-3 को सटीक कक्षा में स्थापित कर दिया है।
  • 600 करोड़ की अनुमानित लागत वाले इस मिशन के सफल प्रक्षेपण के बाद इसरो की तरफ से बताया कि चंद्रयान-3 को एक अगस्त से चंद्रमा की कक्षा में स्थापित करने की योजना है।
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