सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा कि उन याचिकाओं के बैच पर 25 जनवरी को सुनवाई की जाएगी जिनमें धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के प्रावधानों के कुछ निश्चित प्रावधानों के अर्थ से संबंधित मुद्दे उठाए गए हैं। शीर्ष अदालत पहले इन याचिकाओं पर 11 जनवरी को सुनवाई करने वाली थी।
इनमें से कुछ याचिकाकर्ताओं का प्रतिनिधित्व कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ताओं कपिल सिब्बल और मुकुल रोहतगी की ओर से कोविड के बढ़ते मामलों के चलते समस्याओं का उल्लेख करते हुए सुनवाई की तारीख आगे बढ़ाने का अनुरोध किया था। जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने तारीख बदलने का फैसला लिया।
सिब्बल, रोहतगी और तुषार मेहता ने दिया कोविड का हवाला
कपिल सिब्बल ने न्यायाधीश एएम खानविलकर और सीटी रविकुमार की पीठ को बताया कि हम तैयार हैं लेकिन समस्या यह है कि हमारे जूनियर कोविड से प्रभावित हैं। यह ऐसा मामला है जिसमें जूनियर को कार्यालय आना होगा। मामलों की बढ़ती संख्या के बीच हम कोई लापरवाही नहीं बरतना चाहते हैं।
सिब्बल के अनुरोध का समर्थन करते हुए रोहतगी ने कहा कि इस मामले में कई याचिकाएं हैं और इस वजह से फाइलों को व्यवस्थित करना है लेकिन कोविड संबंधी समस्याओं के चलते हमारे जूनियर कार्यालय नहीं आ पा रहे हैं। रोहतगी ने पीठ से मामले की सुनवाई चार या छह सप्ताह बाद करने को कहा।
वहीं, सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट की पीठ को बताया कि इस मामले में 200 से अधिक याचिकाएं हैं और कई गंभीर मामलों में रोक लगी हुई है। हम यह नहीं कह रहे हैं कि हम तैयार नहीं है लेकिन हमें सहायता की जरूरत है। लेकिन, हमारे जूनियर कोविड-19 महामारी से पीड़ित हो गए हैं।
सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने सुनवाई की तारीख 25 जनवरी तय की
इस पर पीठ ने कहा, आप मामले को लेकर जिस तरह से चाहें अपनी तैयारियां कर सकते हैं। अगर आप चाहते हैं तो हम इस मामले पर सुनवाई 18 जनवरी या फिर 25 जनवरी से शुरू कर सकते हैं। सिब्बल ने इससे सहमति जताई और पीठ ने मामले की सुनवाई की तारीख 25 जनवरी निर्धारित कर दी।