रेरा नियम लागू करने पर केंद्र के सवालों का जवाब दें राज्य सरकारें
सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों को रियल एस्टेट (विनियमन और विकास) (रेरा) अधिनियम 2016 के नियम लागू करने को लेकर केंद्र के सवालों का जवाब देने को कहा है। केंद्र ने मार्च में राज्यों से जानकारी मांगी थी। जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस सूर्यकांत की पीठ ने कहा, केंद्र ने मार्च में सभी राज्यों को पत्र लिखकर उनसे रेरा अधिनियम में बिक्री के नियमों के संबंध में जानकारी मांगी थी। अब तक सिर्फ पांच राज्यों ने ही इसका जवाब दिया है।
सरकार के रेरा कानून के कदम को सुविधाजनक बनाने के लिए हम सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को 15 मई या उससे पहले सभी सवालों के जवाब केंद्र को सौंपने का निर्देश देते हैं। पीठ ने साथ ही एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी और न्यायमित्र देवाशीष भरुका को राज्यों सभी वांछित जानकारी मिलने के बाद स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है। इस मामले में अब जुलाई के तीसरे हफ्ते में सुनवाई होगी।
मप्र में ‘बुलडोजर कार्रवाई’ के खिलाफ एक मुस्लिम संगठन पहुंचा सुप्रीम कोर्ट
मध्य प्रदेश प्रशासन द्वारा रामनवमी समारोह के दौरान दंगे के आरोपियों के घरों पर बुलडोजर चलाने की कार्रवाई के खिलाफ जमीयत उलमा-ए-हिंद ने सुप्रीम कोर्ट में रिट याचिका दाखिल की है। इसमें कहा गया कि आपराधिक कार्यवाही के तहत बतौर दंड किसी का घर ढहाने जैसी कार्रवाई गैरकानूनी है। कोर्ट से यह निर्देश देने की अपील की गई कि घर या वाणिज्यिक संपत्ति को इस तरह गिराया नहीं जा सकता। कोर्ट से पुलिस कर्मियों को सामुदायिक दंगों जैसी स्थिति से निपटने के लिए विशेष प्रशिक्षण देने संबंधी आदेश पारित करने की भी मांग की गई।