सुप्रीम कोर्ट ने मणिपुर के ट्रांसनेशनल कॉन्सपिरेसी मामले में एनआईए से ट्रायल की स्थिति पर जवाब मांगा है। आरोपी मोइरांगथेम आनंद सिंह सितंबर 2023 से जेल में है और उसकी जमानत अर्जी हाई कोर्ट ने खारिज कर दी थी। एनआईए ने आरोप लगाया कि सिंह म्यांमार स्थित आतंकी संगठनों के संपर्क में था।
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) से मणिपुर के बहुचर्चित ‘ट्रांसनेशनल कॉन्सपिरेसी’ (अंतरराष्ट्रीय साजिश) मामले में ट्रायल की स्थिति को लेकर जवाब मांगा है। इस मामले में आरोपी मोइरांगथेम आनंद सिंह पर म्यांमार स्थित उग्रवादी संगठनों से संबंध और देश के खिलाफ युद्ध छेड़ने के आरोप हैं। अदालत ने कहा कि पहले ट्रायल की स्थिति स्पष्ट की जाए।
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न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और संदीप मेहता की पीठ ने आरोपी आनंद सिंह की उस याचिका पर सुनवाई की, जिसमें दिल्ली हाई कोर्ट द्वारा अप्रैल में दी गई जमानत याचिका खारिज करने के आदेश को चुनौती दी गई थी। आरोपी का कहना था कि सितंबर 2023 में गिरफ्तारी के बाद से वह जेल में है और अब तक आरोप तय नहीं हुए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जमानत पर विचार से पहले ट्रायल की स्थिति देखनी होगी।
एनआईए की दलीलें और हाई कोर्ट का आदेश
हाई कोर्ट ने आरोपी की जमानत इस आधार पर ठुकरा दी थी कि उसके फरार होने का खतरा है और गवाहों पर दबाव डाला जा सकता है। अदालत ने माना था कि मणिपुर की अस्थिर स्थिति में आरोपी को रिहा करना कानून-व्यवस्था के लिए खतरा होगा। एनआईए ने भी दलील दी थी कि आरोपी पर गंभीर आरोप हैं और उसके खिलाफ पर्याप्त सबूत मौजूद हैं।
मामले की पृष्ठभूमि और गिरफ्तारी
सितंबर 2023 में मणिपुर पुलिस ने आरोपी आनंद सिंह को पुलिस आर्मरी से लूटे गए हथियार रखने के आरोप में गिरफ्तार किया था। बाद में उसे दिल्ली लाकर पूछताछ की गई। एनआईए का आरोप है कि आरोपी म्यांमार स्थित आतंकी संगठनों के संपर्क में था और मणिपुर की जातीय हिंसा का इस्तेमाल भारत सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ने के लिए किया जा रहा था।
आरोपी का पक्ष और जमानत की दलील
आरोपी के वकील ने अदालत में कहा कि ट्रांसनेशनल कॉन्सपिरेसी का आरोप रिकॉर्ड पर रखे सबूतों से साबित नहीं होता। उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले में अन्य आरोपी पहले ही जमानत पा चुके हैं, जबकि आनंद सिंह को अनावश्यक रूप से जेल में रखा गया है। उन्होंने अदालत से कहा कि चार्जशीट दाखिल हो चुकी है लेकिन अब तक आरोप तय नहीं हुए।
मणिपुर की हिंसा और मौजूदा स्थिति
गौरतलब है कि मई 2023 से मणिपुर जातीय हिंसा की आग में झुलस रहा है। इस हिंसा में अब तक 260 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और हजारों लोग विस्थापित हुए हैं। एनआईए का दावा है कि इसी अस्थिर माहौल का फायदा उठाकर म्यांमार आधारित आतंकी समूह भारत के खिलाफ षड्यंत्र रच रहे हैं। अब सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद ट्रायल की स्थिति पर एनआईए का जवाब अहम होगा।