युवा हल्लाबोल आंदोलन में अहम भूमिका निभाने वाले स्वराज इंडिया के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष अनुपम ने कोर्ट के फैसले को ईमानदार परीक्षा प्रणाली के लिए संघर्ष कर रहे छात्रों की जीत बताया। उन्होंने कहा कि एसएससी की सभी परीक्षाओं की जल्द से जल्द जांच पूरी होनी चाहिए, ताकि छात्रों के जीवन का महत्वपूर्ण समय बर्बाद न हो।
साथ ही, अनुपम ने मांग किया कि प्राईवेट वेंडर सिफी को दोबारा कॉन्ट्रेक्ट न दिया जाए। एसएससी के चेयरमैन असीम खुराना को आयोग के अध्यक्ष पद से हटाया जाए, परीक्षा में भ्रष्टाचार की शिकायतों के लिए ग्रीवेंस सेल बने, ऑनलाइन परीक्षा का सॉफ्टवेयर किसी निजी एजेंसी से लेने की बजाए सरकार स्वयं बनवाए।
सरकारी परीक्षा प्रणाली को स्वच्छ बनाने की दिशा में पहला कदम
स्वराज इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष योगेंद्र यादव ने कहा कि न्यायालय का फैसला सरकारी परीक्षा प्रणाली को स्वच्छ बनाने की दिशा में पहला कदम है। देश में आज व्याप्त बेरोजगारी की गम्भीर समस्या पर युवाओं को एकजुट होकर संघर्ष करने की अपील के साथ योगेंद्र यादव ने मोदी सरकार पर समाधान ढूंढने की बजाए आंकड़ों से खेलने का आरोप लगाया। आन्दोलन करो छात्रों की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में मामले की पैरवी कर रहे जाने-माने वकील प्रशांत भूषण ने एसएससी घोटाले को मोदी सरकार का व्यापम बताया है।