फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Supreme Court: दुष्कर्म केस में राजस्थान HC की जमानत पर रोक; पीड़िता के DNA सबूतों के दावों से बढ़ी मुश्किलें

Tue, 14 Apr 2026 05:49 PM IST
Shivam Garg न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान हाईकोर्ट के गैंगरेप आरोपियों को दी गई अंतरिम जमानत पर रोक लगा दी है। पीड़िता ने DNA सबूत और धमकियों का हवाला दिया। जानें पूरा मामला...
विज्ञापन
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

देश की सर्वोच्च अदालत सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान हाईकोर्ट के उस आदेश पर रोक लगा दी है, जिसमें दुष्कर्म मामले के आरोपियों को अंतरिम जमानत दी गई थी। अदालत ने कहा कि इतने गंभीर मामले में सभी पक्षों को सुनने के बाद ही कोई राहत दी जा सकती है।

विज्ञापन


सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में नोटिस जारी करते हुए चार सप्ताह के भीतर जवाब मांगा है। यह आदेश 13 अप्रैल को न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा और न्यायमूर्ति मनमोहन की पीठ ने सुनाया। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि हाईकोर्ट चाहे तो दोनों पक्षों को सुनकर नए सिरे से आवेदन पर विचार कर सकता है, लेकिन फिलहाल अंतरिम आदेश का प्रभाव रोक दिया गया है।

DNA सबूतों का दावा
पीड़िता की ओर से दायर याचिका में दावा किया गया है कि जांच के दौरान अहम फॉरेंसिक सबूत मिले हैं। इनमें DNA जांच भी शामिल है, जो कथित रूप से एक आरोपी से मेल खाती है। इसके अलावा, भ्रूण से मिले जैविक नमूनों का भी मिलान होने की बात कही गई है। याचिका में यह भी कहा गया है कि आरोपियों को अंतरिम राहत मिलने के बाद वे लंबे समय तक गिरफ्त से बाहर रहे, जबकि पीड़िता को धमकियां और दबाव का सामना करना पड़ा।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें:- पवन खेड़ा केस: असम सरकार की याचिका पर कल सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, हाईकोर्ट के जमानत आदेश को दी गई है चुनौती
विज्ञापन


पीड़िता पक्ष का कहना है कि हाईकोर्ट का आदेश बिना कारण बताए एक लाइन में पारित किया गया, जो गंभीर अपराध के मामलों में न्यायिक प्रक्रिया के विपरीत है। याचिका में यह भी तर्क दिया गया कि BNSS की धारा 528 के तहत दी गई राहत को अग्रिम जमानत का विकल्प नहीं बनाया जा सकता।

अन्य वीडियो:-

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें