पश्चिम बंगाल के बहुचर्चित एसएससी घोटाला मामले में कलकत्ता हाईकोर्ट द्वारा दिए गए एक आदेश पर सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को रोक लगा दी है। दरअसल, इस मामले में कलकत्ता हाईकोर्ट ने पश्चिम बंगाल केंद्रीय विद्यालय सेवा आयोग (एसएससी) द्वारा दाखिल आवेदन की सीबीआई जांच के निर्देश दिए थे। इसके साथ ही सीजेआई डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति हेमा कोहली की पीठ ने हाईकोर्ट की एकल पीठ के आदेश के उस हिस्से पर भी रोक लगा दी, जिसके तहत पश्चिम बंगाल के प्रधान सचिव मनीष जैन को शुक्रवार को तलब किया गया था।
मामले में सुनवाई के दौरान, राज्य सरकार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता ए एम सिंघवी ने पीठ से कहा कि 'जब मैं यहां बहस कर रहा हूं तो प्रधान सचिव उच्च न्यायालय के समक्ष कटघरे में हैं।' इस पर सीजेआई ने कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेशों पर रोक लगाने का आदेश देते हुए कहा कि 'उच्च न्यायालय के आदेशों पर रोक रहेगी।' इसके साथ ही उन्होंने राज्य सरकार की याचिका को सुनवाई के लिए तीन सप्ताह के बाद सूचीबद्ध किया है।
गौरतलब है कि कलकत्ता हाईकोर्ट ने 23 नवंबर को केंद्रीय विद्यालय सेवा आयोग (एसएससी) द्वारा दाखिल आवेदन की सीबीआई जांच का आदेश दिया था। साथ ही अदालत ने केंद्रीय एजेंसी से यह जांच करने के लिए भी कहा था कि किसके इशारे पर पश्चिम बंगाल एसएससी ने राज्य सरकार द्वारा प्रायोजित और सरकारी सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थानों में अवैध रूप अतिरिक्त पद सृजित करके भर्ती किए गए कर्मचारियों की नौकरियों को सुरक्षित करने के लिए याचिका दायर की थी। साथ ही इस मामले में कलकत्ता हाईकोर्ट ने शुक्रवार यानी आज सुबह 10:30 बजे राज्य के प्रधान सचिव मनीष जैन को व्यक्तिगत रूप से तलब किया था।
गौरतलब है कि कलकत्ता हाईकोर्ट के पहले के आदेशों पर सीबीआई पहले से ही ऐसे स्कूलों में अवैध नियुक्तियों की जांच कर रही है।