समलैंगिक विवाह को कानूनी मान्यता देने के मामले में सुप्रीम कोर्ट सुनवाई के लिए तैयार हो गया है। समलैंगिक कपल की ओर से दायर की गई याचिका में मांग की गई है कि स्पेशल मैरिज एक्ट को जेंडर न्यूट्रल बनाया जाए और LGBTQ+ समुदाय को सेम सेक्स मैरिज की अनुमति दी जाए।
केंद्र व अटॉर्नी जनरल को नोटिस जारी
सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में केंद्र सरकार व अटॉर्नी जनरल को अलग-अलग नोटिस जारी किया है। साथ ही इस मामले को चार सप्ताह में सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया है। इसके साथ ही शीर्ष अदालत ने केरल सहित अन्य उच्च न्यायालयों में लंबित याचिकाओं को सर्वोच्च न्यायालय में स्थानांतरित करने का आदेश दिया है। सभी मामलों की सुनवाई एक साथ की जाएगी।
हैदराबाद की दंपति ने दायर की थी याचिका
वहीं दूसरे मामले में हैदराबाद की दंपति सुप्रियो चक्रवर्ती और अभय दंगड़ ने शीर्ष अदालत में एक याचिका दायर की थी। उन्होंने विशेष विवाह अधिनियम के तहत समलैंगिक विवाह को कानूनी मान्यता देने की मांग की थी।