पाबंदी के बावजूद तेजाब की खुलेआम बिक्री के खिलाफ दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और सभी राज्यों को नोटिस भेजकर जवाब मांगा है। याचिका में कहा गया है कि शीर्ष अदालत के आदेश की अनदेखी हो रही है। चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने शुक्रवार को इस संबंध में महिला वकील अनूजा कपूर की याचिका पर केंद्र शासित प्रदेशों सहित सभी सरकारों को नोटिस जारी किया है।
शीर्ष अदालत के आदेश की अनदेखी कर हो रही है एसिड की बिक्री
याचिका में कहा गया है कि वर्ष 2013 और 2015 के सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद खुलेआम एसिड बेचा जा रहा है और इसलिए एसिड अटैक की घटनाएं नहीं रुक रही हैं। याचिका में कहा गया है कि एसिड अटैक पीड़ितों को मुआवजा और इलाज एवं पुनर्वास के आदेशों का भी ढंग से पालन नहीं हो रहा है। पीठ को जानकारी दी गई कि वर्ष 2010 से 2016 के बीच एसिड अटैक की 1189 घटनाएं हुई हैं।
याचिका में पीड़ित के लिए मुआवजे और पुनर्वास की प्रक्रिया सरल होनी चाहिए। एकल खिड़की के जरिए ही इस काम को अंजाम दिया जाना चाहिए। साथ ही याचिका में मुआवजे की रकम तीन लाख रुपये से बढ़ाने की भी गुहार की गई है। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र व राज्य सरकारों को एसिड की बिक्री को नियंत्रित करने के लिए कानून बनाने को कहा था।