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SC: अप्राकृतिक यौन संबंध मामले में अदालत ने मध्यप्रदेश के नेता राघवजी से मांगा जवाब; पढ़ें क्या है पूरा मामला

Fri, 15 Mar 2024 07:13 AM IST
जलज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

मामला जुलाई 2013 का है, जब शिकायतकर्ता ने भोपाल के हबीबगंज पुलिस स्टेशन में नेता के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि नेता उसे नौकरी दिलाने के बदले में उसके साथ अप्राकृतिक यौन संबंध बनाता था।
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सुप्रीम कोर्ट - फोटो : ANI
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विस्तार
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सुप्रीम कोर्ट ने कथित अप्राकृतिक यौन संबंध मामले में मध्य प्रदेश के पूर्व वित्त मंत्री राघवजी के खिलाफ कार्यवाही को रद्द करने के हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर राघवजी और राज्य सरकार से जवाब मांगा है। जस्टिस सुधांशु धूलिया और जस्टिस प्रसन्ना भालचंद्र वरले की पीठ ने मामले में शिकायतकर्ता की ओर से दायर अपील पर सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किया। अदालत ने 11 मार्च के अपने आदेश में कहा, जारी नोटिस छह हफ्ते के भीतर वापस किया जाना चाहिए। शिकायत में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के 14 जून, 2023 के आदेश को चुनौती दी गई है। याचिकाकर्ता ने दावा किया कि राघवजी, जो दिसंबर 2003 से जुलाई 2013 तक मध्य प्रदेश में राज्य के वित्त मंत्री थे, ने अपनी स्थिति का अनुचित और अवैध लाभ उठाया। याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट के फैसले की वैधता को चुनौती देते हुए दावा किया कि यह कानून के विपरीत है। 

करीब नौ साल पुराना है मामला

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याचिकाकर्ता ने आगे दावा किया कि हाईकोर्ट का तर्क उसके पिता के झूठे हलफनामे पर आधारित है, जिसे नेता ने हासिल किया था, जो उक्त हलफनामे के गवाह के पास था। उन्होंने यह भी दावा किया कि पिता का हलफनामा खुद को आपराधिक कार्रवाई से बचाने के लिए नेता के दबाव और प्रभाव में दायर किया गया था। पिता के हलफनामे के अनुसार, यह कहा गया था कि शिकायतकर्ता को उच्च वर्ग के लोगों पर झूठे आरोप लगाने की आदत है और वह मानसिक रूप से असंतुलित है। मामला जुलाई 2013 का है, जब शिकायतकर्ता ने भोपाल के हबीबगंज पुलिस स्टेशन में नेता के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि नेता उसे नौकरी दिलाने के बदले में उसके साथ अप्राकृतिक यौन संबंध बनाता था और यह सिलसिला 2010 से मई 2013 तक जारी रहा।

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