कोविंद समिति ने एक साथ चुनाव की सिफारिश करने से पहले दक्षिण अफ्रीका, स्वीडन, जर्मनी, बेल्जियम, जापान, इंडोनेशिया और फिलीपीन की चुनाव प्रक्रियाओं का अध्ययन किया। इन देशों में एक साथ चुनाव होते हैं। रिपोर्ट के अनुसार, एक साथ चुनाव के मुद्दे से निपटने के दौरान अन्य देशों का तुलनात्मक विश्लेषण किया गया। इसका उद्देश्य चुनावों में निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सर्वोत्तम अंतरराष्ट्रीय प्रक्रियाओं का अध्ययन करना और उन्हें अपनाना था।
दक्षिण अफ्रीका में नेशनल असेंबली और प्रांतीय विधानमंडल, दोनों के लिए एक साथ मतदान होता है। हालांकि, नगरपालिका चुनाव पांच साल के चक्र में प्रांतीय चुनाव से अलग होते हैं। इस साल 29 मई को दक्षिण अफ्रीका में आम चुनाव होंगे। वहीं, स्वीडन में आनुपातिक चुनाव प्रणाली के आधार पर चुनाव होते हैं। इस प्रणाली में राजनीतिक दलों को उनके वोटों के आधार पर निर्वाचित विधानसभा में सीटें दी जाती हैं। समिति ने बताया कि स्वीडन में वोटिंग के लिए अपनाई जाने वाली प्रणाली में संसद (रिक्सडैग), काउंटी परिषदों और नगर परिषदों के लिए चुनाव एक ही समय में होते हैं।
कश्यप ने जर्मन मॉडल का किया समर्थन
1983 में चुनाव आयोग ने दिया था सुझाव
देश में एक साथ चुनाव कराने का सुझाव 1983 से अब तक कई रिपोर्ट में दिया गया। सबसे पहले चुनाव आयोग ने 1983 में तो विधि आयोग ने 1999, 2015 और 2018 में अपनी रिपोर्ट में नागरिकों और राजनीतिक दलों और सरकार अधिकारियों को चुनावों के बोझ से मुक्त करने के लिए एक साथ चुनाव कराने की प्रक्रिया को अपनाने का सुझाव दिया था।
अब तक क्या हुआ
2019 में 16 दलों ने किया था समर्थन