कोयला घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के 54 मामलों की जांच कर रही ईडी से सुप्रीम कोर्ट ने इन मामलों की जांच की रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा है। इसके लिए ईडी को 15 जुलाई तक का समय दिया गया है।
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को कोयला ब्लॉक आवंटन घोटाले से जुड़े 50 से अधिक मामलों की जांच में अब तक की प्रगति से अवगत कराने का निर्देश दिया। इसके साथ ही कोर्ट ने एजेंसी को जांच की निगरानी करने वाले चार वरिष्ठ अधिकारियों और तीन जांच अधिकारियों को कार्यमुक्त या प्रत्यावर्तित करने की अनुमति भी दे दी।
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ईडी की याचिका पर सुनवाई कर रही देश के मुख्य न्यायाधीश एनवी रमण की अध्यक्षता वाली पीठ को एनजीओ 'कॉमन कॉज' की ओर से पेश हुए अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने बताया कि लगभग 10 साल बाद भी जांच एजेंसी कोयला घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के मामलों में जांच पूरी नहीं कर पाई है। याचिका में ईडी ने अधिकारियों को कार्यमुक्त करने या प्रत्यावर्तित करने की अनुमति मांगी थी।
प्रशांत भूषण ने कहा कि सबसे पहले तो अदालत को ईडी से यह पूछना चाहिए कि जांच अब तक क्यों पूरी नहीं हुई और अब तक क्यों चल रही है। पीठ ने कहा कि यह अलग मुद्दा है और इससे अधिकारियों को पदोन्नति की वजह से खामियाजा क्यों भुगतना चाहिए।
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उन्होंने कहा कि हम प्रमोशन या प्रत्यावर्तन का विरोध नहीं कर रहे। हम जांच की स्थिति पूछ रहे हैं। पीठ ने इडी से 15 जुलाई तक हलफनामा दायर करने को कहा है। केंद्र की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एश्वर्या भाटी और अमित आनंद तिवारी पेश हुए।