पीठ ने सवाल किया कि 'शेल्टर होम में 1575 लड़के व लड़कियों के साथ यौन व शारीरिक शोषण के मामले सामने आए हैं। आपने इस पर अब तक क्या किया? ये कौन शेल्टर होम में जहां इन बच्चों के साथ शोषण किया गया। आखिर यह सब कब तक चलता रहेगा। हम अखबारों में खबरें देखकर आंखें नहीं मूंद सकते।’
इस पर आनंद ने कहा कि वह इस संबंध में निर्देश लाएंगी। साथ ही उन्होंने बताया कि सोशल ऑडिट का काम अक्टूबर तक पूरा कर लिया जाएगा। साथ ही पीठ ने बिहार सरकार को टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज(टीआईएसएस) द्वारा तैयार की गई शेल्टर होम की सोशल ऑडिट रिपोर्ट को सार्वजनिक करने के लिए कहा है।
पीठ ने कहा कि आखिर इस रिपोर्ट में ऐसा क्या है जिस कारण रिपोर्ट को अब तक सार्वजनिक नहीं किया गया। बिहार सरकार की ओर से पेश रंजीत कुमार ने पीठ को बताया कि एम्स, दिल्ली सहित तीन संस्था मुजफ्फरपुर के शेल्टर होम में यौन शोषण का शिकार हुई लड़कियों के मानसिक व सामाजिक पहुलओं पर विचार कर रही है। अगली सुनवाई सिंतबर में होगी।