सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु सरकार को शराब ऑनलाइन या दुकानों से बेचने की अनुमति देते हुए कहा कि शराब की बिक्री कैसे हो यह तय करना कोर्ट का काम नहीं है। अदालत ने राज्य में शराब बिक्री करने वाली तमिलनाडु स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन (टीएएसएमएसी) के तर्क से सहमति जताई कि उसे शराब ऑनलाइन बेचने या होम डिलीवरी करने का निर्देश नहीं दिया जा सकता।
जस्टिस अशोक भूषण, जस्टिस संजय किशन कौल और जस्टिस एमआर शाह की पीठ ने शुक्रवार को टीएएसएमएसी को तीन सप्ताह के भीतर हलफनामा दायर कर दुकानों में शराब बिक्री का तंत्र बताने को कहा। इससे पहले, 15 मई को सुप्रीम कोर्ट ने मद्रास हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगाते हुए राज्य में शराब की दुकानें खोलने का रास्ता साफ कर दिया था।
हाईकोर्ट ने कोरोना महामारी के मद्देनजर बने नियमों के उल्लंघन का हवाला देते हुए शराब की दुकानों को बंद करने का आदेश दिया था। टीएएसएमएसी की याचिका पर शीर्ष अदालत ने आठ मई को हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी थी। टीएमएसएमएसी ने कहा था कि यह राज्य सरकार तय करती है कि शराब की बिक्री कैसे की जाए और हाईकोर्ट इसमें दखल नहीं दे सकता।