सुप्रीम कोर्ट पश्चिम बंगाल के 13 सरकारी विश्वविद्यालयों में कुलपतियों की सूची बनाने और उनकी नियुक्ति के लिए एक खोज समिति का गठन करेगा। शीर्ष अदालत ने इसके लिए राज्यपाल, राज्य सरकार और यूजीसी से तीन से पांच नाम सुझाने को कहा है। जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस दीपांकर दत्ता की पीठ ने इस तथ्य पर ध्यान दिया कि कुलपतियों की नियुक्ति पर राज्य सरकार का विधेयक राज्यपाल की मंजूरी के लिए लंबित था। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह खुद एक सर्च कमेटी बनाएगा।
हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंची राज्य सरकार
सुप्रीम कोर्ट ने साथ ही राज्यपाल कार्यालय, राज्य सरकार और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग को 25 सितंबर तक सर्च कमेटी के लिए तीन से पांच नामों का सुझाव देने को कहा है ताकि पीठ उनपर विचार कर सके। शीर्ष अदालत, कलकत्ता हाईकोर्ट के 28 जून के आदेश के खिलाफ पश्चिम बंगाल सरकार की अपील पर सुनवाई कर रही थी। बता दें कि हाईकोर्ट ने कहा था कि पश्चिम बंगाल के राज्यपाल के इन संस्थानों के पदेन कुलाधिपति के रूप में अपनी क्षमता से 11 राज्य-संचालित विश्वविद्यालयों में अंतरिम कुलपतियों की नियुक्ति के आदेश अवैध नहीं है। राज्य के विश्वविद्यालयों को कैसे चलाया जाए, इसे लेकर ममता बनर्जी सरकार और राज्यपाल सीवी आनंद बोस के बीच तीखी खींचतान चल रही है। इस मामले में अगली सुनवाई 27 सितंबर को होगी।