सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को कहा कि अदालत चुनाव का समय तय नहीं करती। इसका फैसला चुनाव आयोग ही कर सकता है। शीर्ष अदालत ने यह टिप्पणी तमिलनाडु की विपक्षी पार्टी द्रमुक की तरफ से 3 खाली विधानसभा सीटों पर अन्य 18 विधानसभा सीटों के साथ ही उपचुनाव कराने की मांग वाली याचिका पर दिए निर्णय में की। शीर्ष अदालत ने गुरुवार को यह याचिका खारिज कर दी।
बता दें कि तमिलनाडु की 18 विधानसभा सीटों के उपचुनाव आगामी लोकसभा चुनावों के साथ ही कराए जा रहे हैं। द्रमुक की याचिका पर शीर्ष अदालत ने 15 मार्च को सुनवाई में भारतीय चुनाव आयोग (ईसीआई) को जवाब दाखिल करने के लिए कहा था।
आयोग के वकील ने जस्टिस एसए बोबडे और जस्टिस एसए नजीर की पीठ के सामने कहा कि मद्रास हाईकोर्ट के सामने कुछ चुनावी याचिकाएं लंबित होने के कारण इन तीनों सीट पर उपचुनाव घोषित नहीं किए गए थे। वकील ने आयोग की तरफ से कहा कि तमिलनाडु की 3 शेष बची खाली विधानसभा सीटों पर चुनाव एक उचित समय के अंदर कराया जाएगा।
बता दें कि तिरुपारानकुंदरम सीट के विधायक एके बोस का पिछले साल निधन हो गया था, जबकि औट्टापिदारम सीट के अन्नाद्रमुक विधायक सुंदरराज को अयोग्य घोषित कर दिया गया था। अरवाकुरुची सीट से अन्नाद्रमुक के सेंथिल बालाजी विधायक थे, लेकिन उनके द्रमुक में चले जाने के कारण सीट खाली हो गई है।