25 लाख जुर्माने को दान मानने पर विचार करेगी सुप्रीम कोर्ट की पीठ
इधर, सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कहा कि एनजीओ के उस आवेदन पर तीन सदस्यीय पीठ विचार करेगी, जिसमें 25 लाख रुपये के जुर्माने को दान मानने का अनुरोध किया था। दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने मेडिकल कॉलेज घोटाले में कथित घूसखोरी की एसआईटी से जांच की मांग को खारिज करते हुए एनजीओ पर 25 लाख रुपये जुर्माना लगाया था।
सुप्रीम कोर्ट ने दिसंबर, 2017 को कैंपेन फॉर ज्यूडीशियल अकाउंटिबिलिटी एंड रिफॉर्म्स की याचिका को अवमानना योग्य करार देते हुए एनजीओ को सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री में छह हफ्ते में 25 लाख जमा करवाने का निर्देश दिया था।
कोर्ट ने कहा था कि इस राशि को सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के अधिवक्ता कल्याण कोष में जमा करवाया जाएगा। जस्टिस एएम खानविलकर व जस्टिस सीटी रविकुमार ने कहा कि 2017 के सुप्रीम कोर्ट के आदेश को तीन जजों की पीठ ने पारित किया था और यह उपयुक्त होगा कि एनजीओ के निवेदन पर उस फैसले पर तीन जजों की पीठ विचार करे।