सुप्रीम कोर्ट ने साल 2012 के छावला दुष्कर्म मामले में तीनों दोषियों की सजा पर फैसला सुरक्षित रख लिया है। इस मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने तीनों को मृत्युदंड दिया था।
साल 2012 के छावला दुष्कर्म मामले में तीन दोषियों को सुनाई गई सजा के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को फैसला सुरक्षित रख लिया। इन तीनों को एक 19 वर्षीय युवती के साथ दुष्कर्म करने और उसकी हत्या करने के आरोप में दिल्ली हाईकोर्ट ने दोषी ठहराया था और मृत्युदंड सुनाया था।
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समाचार एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार सुप्रीम कोर्ट में अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने तीनों के लिए मृत्युदंड की सजा बरकरार रखने की मांग की। उन्होंने कहा कि ये ऐसी हरकतें हैं जो समाज में माता-पिता के दिमाग को संकुचित करती हैं और बेटियों के पंख काटती हैं।